30 जुलाई की रात से 31 जुलाई की सुबह तक दक्षिणी डेल

एक ही रात में दिखेंगी दो उल्का वर्षाएं, जानें कब और कैसे देखें

Rare Double Meteor Shower Tonight

एक साथ चरम पर होंगी दो उल्का वर्षाएं

30 जुलाई की रात से 31 जुलाई की सुबह तक दक्षिणी डेल्टा एक्वेरिड्स और अल्फा कैप्रिकॉर्निड्स उल्का वर्षाएं एक साथ अपने चरम पर होंगी। हालांकि, लगभग पूर्ण चंद्रमा की तेज रोशनी के कारण इस बार उल्काओं को देखना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।

चांदनी बनेगी सबसे बड़ी चुनौती

अमेरिकन मेटियोर सोसाइटी के अनुसार, 29 जुलाई की पूर्णिमा के बाद 30-31 जुलाई की रात चंद्रमा लगभग 98% प्रकाशित रहेगा। इसकी तेज रोशनी की वजह से कई हल्की उल्काएं दिखाई नहीं देंगी।

कितनी उल्काएं दिख सकती हैं?

दक्षिणी डेल्टा एक्वेरिड्स उल्का वर्षा 12 जुलाई से 23 अगस्त तक सक्रिय रहेगी और आदर्श परिस्थितियों में प्रति घंटे लगभग 25 उल्काएं दिखाई दे सकती हैं। वहीं, अल्फा कैप्रिकॉर्निड्स 3 जुलाई से 15 अगस्त तक सक्रिय रहेगी और इसके दौरान प्रति घंटे करीब 5 उल्काएं दिख सकती हैं। इसकी खास बात यह है कि इसमें चमकीले 'फायरबॉल' यानी आग के गोले जैसी उल्काएं देखने को मिलती हैं।

बेहतर नज़ारे के लिए क्या करें?

अगर आप उल्का वर्षा देखना चाहते हैं, तो चंद्रमा को किसी इमारत, पेड़ या पहाड़ी की आड़ में रखें और आकाश के सबसे अंधेरे हिस्से की ओर देखें। दूरबीन या टेलीस्कोप की बजाय इन्हें नंगी आंखों से देखना सबसे अच्छा माना जाता है।अगर जुलाई में मौसम या चांदनी की वजह से उल्का वर्षा नहीं देख पाए, तो 12-13 अगस्त की रात पर्सिड उल्का वर्षा अपने चरम पर होगी। अमावस्या होने के कारण आसमान पूरी तरह अंधेरा रहेगा और प्रति घंटे करीब 100 उल्काएं दिखाई दे सकती हैं।

सूर्य ग्रहण भी बनेगा खास आकर्षण

12 अगस्त की अमावस्या के दौरान पूर्वी ग्रीनलैंड, पश्चिमी आइसलैंड और उत्तरी स्पेन के कुछ हिस्सों में पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। वहीं, कनाडा और उत्तर-पूर्वी अमेरिका के कुछ क्षेत्रों में आंशिक सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा। इस दौरान सूर्य ग्रहण देखने के लिए हमेशा प्रमाणित ग्रहण चश्मे का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

भारत में कब देखें सबसे अच्छा नज़ारा?

भारत में इस उल्का वर्षा को देखने का सबसे अच्छा समय 31 जुलाई की रात 1:30 बजे से तड़के 4:30 बजे (IST) के बीच रहेगा। इस दौरान उल्काओं का रेडिएंट यानी वह दिशा जहां से वे आती हुई दिखाई देती हैं, आकाश में सबसे ऊंचाई पर होगा। इसलिए उल्काएं देखने की संभावना सबसे अधिक रहेगी।

चांद की रोशनी का रहेगा असर

29 जुलाई को पूर्णिमा होने की वजह से 30-31 जुलाई की रात चंद्रमा लगभग 98% चमकदार रहेगा। इसकी तेज रोशनी के कारण कई हल्की उल्काएं साफ दिखाई नहीं देंगी, लेकिन आकाश में चमकीली उल्काएं अब भी देखी जा सकती हैं। हालांकि इस बार हल्की उल्काओं को देखना मुश्किल हो सकता है, लेकिन अल्फा कैप्रिकोर्निड्स उल्का वर्षा के चमकदार 'फायरबॉल्स' यानी बेहद तेज रोशनी वाली उल्काएं चांदनी में भी आसानी से दिखाई दे सकती हैं। यही इस खगोलीय घटना का सबसे खास आकर्षण होगा।

उल्का वर्षा देखने के आसान टिप्स

  • शहर की तेज रोशनी और प्रदूषण से दूर किसी अंधेरी जगह पर जाएं।
  • टेलीस्कोप या दूरबीन की जरूरत नहीं है, खुली आंखों से आसमान देखें।
  • अपनी आंखों को अंधेरे के अनुकूल होने के लिए 20-30 मिनट का समय दें।
  • चंद्रमा को किसी पेड़, इमारत या पहाड़ी की ओट में रखकर आकाश के सबसे अंधेरे हिस्से की ओर देखें, इससे उल्काएं देखने की संभावना बढ़ जाएगी।

(एएनआई)

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