भारत के वल्लूरी अजय बाबू ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 म

अजय बाबू ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में जीता रजत पदक, स्वर्ण से चूके

Ajay Babu Wins Silver Medal in Commonwealth Games 2026 Weightlifting Event

ग्लासगो,(स्कॉटलैंड)। भारत के वल्लूरी अजय बाबू ने 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों के 79 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। सोमवार (स्थानीय समय) को हुए एक रोमांचक मुकाबले में वे मलेशिया के मुहम्मद एरी हिदायत से सिर्फ एक किलोग्राम पीछे रहे।

स्कॉटलैंड के क्रिस मरे ने जीता कांस्य पदक

आंध्र प्रदेश के कोंडावेलागड़ा गांव के 22 वर्षीय भारोत्तोलक ने कुल 330 किलोग्राम (स्नैच में 149 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 181 किलोग्राम) भार उठाया और स्वर्ण पदक से चूक गए। हिदायत ने 331 किलोग्राम भार उठाया, जिसमें क्लीन एंड जर्क में 184 किलोग्राम का खेलों का रिकॉर्ड भी शामिल था। ईएसपीएन के अनुसार, स्कॉटलैंड के क्रिस मरे ने 325 किलोग्राम (148 किलोग्राम + 177 किलोग्राम) भार उठाकर कांस्य पदक जीता। अजय ने स्नैच में 149 किलोग्राम का राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड बनाकर प्रतियोगिता की शानदार शुरुआत की और क्लीन एंड जर्क में स्वर्ण पदक जीतने की प्रबल दावेदारी पेश की।

रजत पदक अजय और उनके परिवार के लिए गौरवपूर्ण क्षण

हालांकि, हिदायत ने दूसरे चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए क्लीन एंड जर्क में 184 किलोग्राम का भार उठाकर भारतीय खिलाड़ी को सिर्फ एक किलोग्राम से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। रजत पदक अजय और उनके परिवार के लिए एक और गौरवपूर्ण क्षण था। उनके पिता ने 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन में कांस्य पदक जीता था, और इस युवा खिलाड़ी ने ग्लासगो में पोडियम पर दूसरा स्थान हासिल करके उस उपलब्धि को और भी बेहतर बना दिया। इस परिणाम ने कोंडावेलागड़ा गांव की समृद्ध भारोत्तोलन परंपरा में एक और अध्याय जोड़ दिया, जिसने 20 राष्ट्रीय और 13 अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलक दिए हैं। अजय ने शानदार फॉर्म में रहते हुए खेलों में प्रवेश किया था, उन्होंने इसी साल की शुरुआत में राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप में हिदायत को 335 किलोग्राम के कुल भार के साथ हराया था, जबकि मलेशियाई खिलाड़ी का भार 333 किलोग्राम था।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की निरंतरता का प्रदर्शन

हालांकि ग्लासगो में परिणाम उलट गया, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी निरंतरता का प्रदर्शन किया। भारोत्तोलन स्पर्धा में भारत के लिए एक और सफल दिन रहा। ज्ञानेश्वरी यादव ने महिला 53 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक और बिंद्यारानी देवी ने महिला 58 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीता। 49 किलोग्राम वर्ग से भारोत्तोलन में प्रवेश करने के बाद अपने पहले राष्ट्रमंडल खेलों में भाग ले रही ज्ञानेश्वरी ने 199 किलोग्राम (स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम) का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ भार दर्ज किया और अपने सभी छह लिफ्ट सफलतापूर्वक पूरे किए। वहीं, बिंद्यारानी ने महिला 58 किलोग्राम वर्ग में तीसरा स्थान हासिल करके लगातार दूसरा राष्ट्रमंडल खेलों का पदक जीता। इससे पहले उन्होंने बर्मिंघम 2022 में रजत पदक जीता था।

ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने अब तक जीते छह पदक

ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन में भारत ने अब तक छह पदक जीते हैं - एक स्वर्ण, चार रजत और एक कांस्य। भारत के अब तक पदक विजेता हैं मीराबाई चानू (स्वर्ण, भारोत्तोलन), शर्मिला धनकड़ (स्वर्ण, महिला गोला फेंक F57), ऋषिकांत सिंह (रजत, भारोत्तोलन), मुथुपंडी राजा (रजत, भारोत्तोलन), ज्ञानेश्वरी यादव (रजत, भारोत्तोलन), सर्वेश कुशारे (रजत, पुरुष ऊंची कूद), वल्लूरी अजय बाबू (रजत, भारोत्तोलन), बिंद्यारानी देवी (कांस्य, भारोत्तोलन), शिल्पा शायला (कांस्य, महिला शॉट पुट F57) और झंडू कुमार (कांस्य, पैरा पावरलिफ्टिंग)। (एएनआई)

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