भारतीय महिला क्रिकेट की दिग्गज अंजुम चोपड़ा को आईस

अंजुम चोपड़ा को मिला बड़ा सम्मान, आईसीसी क्रिकेट हॉल ऑफ फेम में हुईं शामिल

Anjum Chopra Inducted into ICC Cricket Hall of Fame for Her Outstanding Contribution

नई दिल्ली,(भारत)। भारतीय महिला क्रिकेट की दिग्गज खिलाड़ी अंजुम चोपड़ा को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके उल्लेखनीय योगदान और खेल की अगली पीढ़ियों को प्रेरित करने के लिए आईसीसी क्रिकेट हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया है।

भारतीय टीम की प्रमुख बल्लेबाज रह चुकीं हैं अंजुम चोपड़ा

1990 के दशक के अंतिम वर्षों और 2000 के दशक की शुरुआत में भारतीय टीम की प्रमुख बल्लेबाज रहीं अंजुम चोपड़ा अपनी निरंतरता, नेतृत्व क्षमता और तकनीकी कौशल के लिए जानी जाती थीं। उन्होंने ऐसे दौर में भारतीय महिला क्रिकेट को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई, जब यह खेल देश में अपनी पहचान बना रहा था।

सभी प्रारूपों में 3,500 से अधिक रन बनाए

अपने 17 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान चोपड़ा ने सभी प्रारूपों में 3,500 से अधिक रन बनाए। वह भारतीय महिला टीम की कप्तान भी रहीं और 100 वनडे मुकाबले खेलने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनीं। आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल किए जाने पर अंजुम चोपड़ा ने इसे अपने सफर में साथ देने वाले सभी लोगों के प्रति सम्मान बताया। उन्होंने अपने माता-पिता, शिक्षकों, कोचों और क्रिकेट प्रशासकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क्रिकेट के महान खिलाड़ियों की सूची में शामिल होना उनके लिए बेहद गर्व का क्षण है।

बचपन से ही भारत के लिए खेलने का सपना

उन्होंने कहा कि बचपन से ही भारत के लिए खेलने का सपना उनके मन में था और परिवार, शिक्षकों व कोचों के समर्थन ने उन्हें कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। अंजुम चोपड़ा का योगदान केवल मैदान तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने भारत में महिला क्रिकेट के विकास और उसकी पहचान को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

2002 में भारतीय टीम की कप्तान बनीं अंजुम

1995 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाली चोपड़ा ने जल्द ही खुद को एक भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया। 2002 में उन्होंने भारतीय टीम की कप्तानी संभाली और विकास के महत्वपूर्ण दौर में टीम का नेतृत्व किया। उनकी कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया और दक्षिण अफ्रीका में अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज की।

सबसे अधिक रन बनाने वाली खिलाड़ियों में शामिल

2005 आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप में भारत के फाइनल तक पहुंचने के सफर में भी अंजुम चोपड़ा की अहम भूमिका रही। वह उस टूर्नामेंट में टीम की सबसे अधिक रन बनाने वाली खिलाड़ियों में शामिल थीं। अपने करियर में वह छह विश्व कप में हिस्सा लेने वाली खिलाड़ी रहीं, 100 वनडे खेलने वाली पहली भारतीय महिला बनीं और 3,500 से अधिक अंतरराष्ट्रीय रन बनाए। उन्हें अर्जुन पुरस्कार और मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) की मानद आजीवन सदस्यता सहित कई सम्मान मिल चुके हैं।

क्रिकेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि

क्रिकेट से संन्यास के बाद भी अंजुम चोपड़ा बतौर प्रसारक, लेखिका और महिला क्रिकेट की समर्थक के रूप में इस खेल को आगे बढ़ाने में सक्रिय हैं। आईसीसी हॉल ऑफ फेम में उनका शामिल होना भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। (ANI)

यह भी पढ़ेंः लिंडा नोस्कोवा ने रचा इतिहास, जीता पहला विंबलडन महिला एकल खिताब