पुर्तगाल से हारकर विश्व कप से बाहर होने के बाद क्र

विश्व कप से बाहर होने के बाद क्रोएशिया ने फीफा में दर्ज कराई शिकायत

Croatia Files FIFA Complaint Over Alleged Misuse of Technology

ज़ाग्रेब,(क्रोएशिया)। पुर्तगाल के खिलाफ फीफा विश्व कप के राउंड ऑफ़ 32 मुकाबले में 2-1 की हार के बाद क्रोएशिया ने फीफा के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। क्रोएशियाई फुटबॉल महासंघ (एचएनएस) का आरोप है, कि मैच के निर्णायक क्षण में तकनीक का गलत इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण टीम राउंड ऑफ़ 16 में जगह बनाने से वंचित रह गई।

संपर्क के आधार पर ऑफसाइड का निर्णय

मैच के स्टॉपेज टाइम में जोस्को ग्वार्डियोल ने बराबरी का गोल दागा था, जिसे शुरुआती तौर पर वैध माना गया। हालांकि, रेफरी एस्पेन एस्कास ने लंबी वीएआर समीक्षा के बाद गोल को ऑफसाइड करार देते हुए रद्द कर दिया। यह फैसला मैच बॉल 'ट्रिओंडा' में लगे सेंसर से मिले डेटा के आधार पर लिया गया, जिसमें दावा किया गया, कि इगोर मातानोविक का गेंद से बेहद हल्का संपर्क हुआ था। इसी संपर्क के आधार पर ऑफसाइड का निर्णय दिया गया।

टीवी रिप्ले में गोल दिख रहा वैध

इस फैसले के बाद क्रोएशिया और उसके प्रशंसकों ने वीएआर प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका कहना है, कि टीवी रिप्ले में गोल वैध दिखाई दे रहा था, लेकिन सेंसर से प्राप्त अत्यधिक सूक्ष्म डेटा के आधार पर मैच का परिणाम बदल दिया गया। दूसरी ओर, फीफा ने अपनी प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि ट्रिओंडा बॉल में लगे आईएमयू सेंसर मामूली से मामूली संपर्क का भी सटीक पता लगाने में सक्षम हैं। संस्था के अनुसार, यही तकनीक अधिकारियों को अधिक तेज़ और सटीक निर्णय लेने में मदद करती है।

वीएआर का उद्देश्य केवल "स्पष्ट और प्रत्यक्ष त्रुटियों" को सुधारना

क्रोएशियाई फुटबॉल महासंघ का तर्क है, कि वीएआर का उद्देश्य केवल "स्पष्ट और प्रत्यक्ष त्रुटियों" को सुधारना है, जबकि इस मामले में ऐसी कोई स्थिति नहीं थी। महासंघ का कहना है, कि अत्यधिक तकनीकी डेटा पर निर्भरता खेल की भावना और वीएआर के मूल उद्देश्य के विपरीत है। एचएनएस ने मैच के 68वें मिनट में क्रिस्टियानो रोनाल्डो को मिले पेनल्टी फैसले पर भी आपत्ति जताई है, जिसके जरिए पुर्तगाल ने बराबरी हासिल की थी।

नाराज़गी केवल रेफरी के फैसलों से नहीं

एचएनएस के प्रवक्ता टोमिस्लाव पाकाक ने बताया, कि महासंघ ने फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो को पत्र लिखकर मैच में अपनाई गई प्रक्रिया पर गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि उनकी नाराज़गी केवल रेफरी के फैसलों से नहीं, बल्कि उन फैसलों तक पहुंचने की प्रक्रिया से है। पाकाक के अनुसार, मातानोविक के बेहद हल्के संपर्क के आधार पर पासालिक को ऑफसाइड मानना तकनीक के ऐसे उपयोग का उदाहरण है, जो फुटबॉल के नियमों और उसकी भावना दोनों के खिलाफ है।

भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग

अपने पत्र के अंत में एचएनएस ने कहा कि वह फुटबॉल में तकनीक के उपयोग का समर्थन करता है। लेकिन उसका मानना है, कि इस तरह का इस्तेमाल न तो खेल के हित में है और न ही खिलाड़ियों, टीमों तथा प्रशंसकों के लिए लाभदायक। महासंघ ने फीफा से पूरे मामले की विस्तृत व्याख्या देने और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग भी की है। (एएनआई)

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