सूर्य कुमार की कप्तानी में भारतीय टीम बेहतर फार्म में पर न्यूजीलैंड को कमतर आंकना हो सकती है बड़ी भूल
अहमदाबाद। भारत और न्यूजीलैंड की टीमें रविवार को अहमदाबाद में होने वाले टी20 विश्वकप 2026 के फाइनल में आमने-सामने होंगी। गत चैंपियन भारतीय टीम अहमदाबाद में इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरेगी। मेजबान टीम का पलड़ा कागजों पर भारी दिख रहा है लेकिन दक्षिण अफ्रीका को हराकर फाइनल का सफर तय करने वाली न्यूजीलैंड जैसी अनुशासित और जुझारू टीम को हल्के में लेना भूल हो सकती है।
इतिहास रचने के इरादे से उतरेगा भारत
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में नये कीर्तिमान बना रही डिफेंडिंग चैंपियन भारत के पास अपने खिताब की रक्षा करने का शानदार मौका है। टी20 वर्ल्ड कप में किसी टीम ने बैक-टू-बैक चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया हो, लेकिन भारत के पास ऐसा करने का सुनहरा अवसर है। यही नहीं अब तक किसी भी मेजबान टीम ने टी20 वर्ल्ड कप खिताब नहीं जीता है और टीम इंडिया के पास ऐसा करने का भी मौका है।
आईसीसी फाइनल में फिर आमना-सामना
रविवार को आईसीसी टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में एक साल के भीतर यह दूसरा मौका है जब दोनों टीमें एक-दूसरे के सामने होंगी। बीते साल 9 मार्च को चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत ने इसी प्रतिद्वंद्वी को हराया था। भारत को आईसीसी टूर्नामेंट में खिताबी हैट्रिक लगाने के लिए अपनी कमियों में सुधारकर नयी रणनीति के साथ मैदान में उतरना होगा। 2024 के टी-20 विश्वकप विजेता टीम में सात ऐसे धुरंधर खिलाड़ी हैं जो द. अफ्रीका के खिलाफ पिछला विश्वकप का फाइनल खेल चुके हैं। इन सात में से छह क्रिकेटरों का न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में खेलना तय माना जा रहा है।
कुछ खिलाड़ियों की फॉर्म चिंता का विषय
भारत के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की फॉर्म को लेकर कुछ समस्या है। लेकिन इन दोनो खिलाड़ियों की गिनती दुनिया के शीर्ष टी-20 बल्लेबाजों और गेंदबाजों में होती है। माना जा रहा है कि टीम मैनेजमेंट उन्हें फाइनल मैच में फिर मौका दे सकता है। ऐसे में इन दोनों के पास फाइनल में रंग जमाकर छाप छोड़ने का पूरा मौका होगा।
अनुभवी खिलाड़ियों पर रहेगी बड़ी जिम्मेदारी
कप्तान सूर्यकुमार यादव समेत जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, अक्षर पटेल, हार्दिक पंड्या, कुलदीप यादव, शिवम दुबे पिछले विश्वकप के फाइनल में खेले थे। अगर कुलदीप को छोड़ दें तो बाकी छह फाइनल में फिर खेलते नजर आएंगे। ऐसे में भारतीय टीम विश्व चैंपियन बनने के अनुभव के साथ फाइनल में उतरेगी। संजू सैमसन भी पिछले विश्वकप की टीम में थे, लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला था। मोहम्मद सिराज भी पिछले विश्वकप की टीम में थे।
गेंदबाजी पर टिकी रहेंगी उम्मीदें
भारतीय टीम की गेंदबाजी की जिम्मेदारी जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और हार्दिक पंड्या के अलावा वरुण चक्रवर्ती जैसे धुरंधर गेंदबाजों के कंधों पर रहेगी। जसप्रीत बुमराह की सटीक यॉर्कर और तेज रफ्तार गेंदबाजी किसी भी बल्लेबाज के लिए चुनौती बन सकती है। भारत के पास नई गेंद से अर्शदीप सिंह और हार्दिक पंड्या जैसे विकल्प मौजूद हैं। दोनों गेंदबाज शुरुआत में विकेट निकालने की क्षमता रखते हैं। लेकिन अगर पिच बल्लेबाजी के लिए अनुकूल रही तो उनकी गेंदबाजी पर दबाव भी बन सकता है।
स्पिन विभाग बना चिंता का कारण
भारत का स्पिन विभाग चिंता का कारण बना हुआ है। भारतीय स्पिनर इस टूर्नामेंट में अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाये हैं। वरुण चक्रवर्ती से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वह लगातार विकेट निकालने में सफल नहीं रहे हैं।
न्यूजीलैंड की ताकत उसका संतुलन
सेमी फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर फाइनल में पहुंची न्यूजीलैंड की गिनती विश्व क्रिकेट में सबसे अनुशासित और संतुलित टीमों में होती है। बड़े मैचों में यह टीम अक्सर अपनी अपेक्षा से कहीं बेहतर प्रदर्शन कर जाती है।
न्यूजीलैंड के बल्लेबाज और गेंदबाज भी खतरनाक
न्यूजीलैंड के बल्लेबाज फिन एलन ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पावरप्ले में जैसा प्रदर्शन किया है वह किसी भी मैच का रुख बदल सकता है। इसके अलावा ग्लेन फिलिप्स और मार्क चैपमैन जैसे बल्लेबाज मध्यक्रम में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। गेंदबाजी में लॉकी फर्ग्यूसन और मैट हेनरी जैसे तेज गेंदबाज किसी भी बल्लेबाजी क्रम को मुश्किल में डाल सकते हैं, जबकि कप्तान मिचेल सैंटनर अपनी चतुर स्पिन से मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते हैं।
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