भारत ने राष्ट्रमंडल कबड्डी चैंपियनशिप में रचा इतिहास, पुरुष टीम ने श्रीलंका को हराकर जीता खिताब
अहमदाबाद (गुजरात): भारत ने उद्घाटन राष्ट्रमंडल कबड्डी चैंपियनशिप 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पुरुष वर्ग का खिताब भी अपने नाम कर लिया। शनिवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारतीय पुरुष टीम ने श्रीलंका को 54-20 से हराकर पहली बार इस प्रतियोगिता का चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इस जीत के साथ भारत ने चैंपियनशिप में खिताबी डबल पूरा कर लिया। इससे पहले महिला टीम ने फाइनल में युगांडा को 35-15 से हराकर स्वर्ण पदक जीता था। भारत की जीत में आदित्य शिंदे ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 14 रेड में 10 रेड पॉइंट हासिल किए, जिसमें चार बोनस अंक भी शामिल रहे। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने सुपर-10 पूरा किया और टीम के लिए सबसे ज्यादा अंक जुटाए। भरत हुड्डा ने दूसरे हाफ में शानदार प्रदर्शन करते हुए आठ रेड पॉइंट हासिल किए। उन्होंने सात रेड कीं और एक बार भी श्रीलंकाई डिफेंस उन्हें टैकल नहीं कर पाया। पंकज मोहिते ने छह और उप-कप्तान नवीन कुमार ने पांच अंक जोड़े। वहीं, योगेश दहिया ने डिफेंस की कमान संभालते हुए हाई-5 लगाया। उन्होंने पहले हाफ में अपने सभी पांच टैकल प्रयास सफल किए। शुभाशुभम शिंदे, कप्तान सुरजीत सिंह, प्रवेश मलिक और दीपक शंकर ने भी दो-दो टैकल पॉइंट हासिल किए। भारत ने मुकाबले में कुल 30 रेड पॉइंट और 14 टैकल पॉइंट बनाए। टीम ने चार बार श्रीलंका को ऑल-आउट किया और खुद एक बार भी ऑल-आउट नहीं हुई।
श्रीलंका के रेडर भारतीय डिफेंस के सामने रहे बेअसर
श्रीलंका की ओर से मदुवानथा छह टैकल पॉइंट के साथ सबसे सफल खिलाड़ी रहे। उनके प्रदर्शन में दो सुपर टैकल भी शामिल थे। वहीं, अंसफ और विधुरंगा ने तीन-तीन अंक हासिल किए। सेमीफाइनल में केन्या के खिलाफ जीत में अहम भूमिका निभाने वाले सबिहान, मिलिंडा चतुरंगा और विधुरंगा फाइनल में खास प्रदर्शन नहीं कर सके। श्रीलंका के रेडर्स ने 31 रेड में सिर्फ पांच रेड पॉइंट हासिल किए। श्रीलंकाई टीम अपने नौ करो या मरो रेड में से सात में अंक हासिल करने में नाकाम रही। पूरे मुकाबले में टीम ने 11 रेड पॉइंट और नौ टैकल पॉइंट जुटाए।
पहले हाफ में ही भारत ने बना ली 20 अंकों की बढ़त
मुकाबले के शुरुआती 10 मिनट शेष रहने तक भारत 15-8 से आगे था। इस दौरान भारतीय टीम एक बार श्रीलंका को ऑल-आउट भी कर चुकी थी। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार अंक जुटाए और श्रीलंका को 15-2 से पीछे छोड़ दिया। पहले हाफ के आखिरी पांच मिनट में भारत ने दूसरा ऑल-आउट किया और हाफ टाइम तक स्कोर 30-10 कर दिया। पहले हाफ में श्रीलंका ने 21 रेड में केवल दो सफल रेड कीं। वहीं, भारतीय डिफेंडरों ने अपने 10 में से नौ टैकल सफलतापूर्वक पूरे किए। दूसरे हाफ में भी भारतीय टीम ने अपना दबदबा कायम रखा। भारत ने इस दौरान श्रीलंका को दो बार और ऑल-आउट किया। इनमें से आखिरी ऑल-आउट मुकाबले के अंतिम पांच मिनट में हुआ। भारतीय टीम ने दूसरा हाफ 24-10 से अपने नाम किया और मुकाबला 54-20 से जीत लिया। पूरे मैच में भारत ने 40 में से 24 सफल रेड कीं, जबकि श्रीलंका की टीम 41 रेड में से केवल सात में ही अंक हासिल कर सकी।
आदित्य शिंदे बोले- अहमदाबाद के लोगों से मिला शानदार समर्थन
मैच के बाद भारत के लिए सुपर-10 लगाने वाले आदित्य शिंदे ने कहा कि अहमदाबाद के लोगों से टीम को शानदार समर्थन मिला है। उन्होंने कहा, "जैसे-जैसे अधिक टूर्नामेंट आयोजित हो रहे हैं, यह अहमदाबाद के लोगों के लिए बहुत अच्छी बात है। हमें यहां के लोगों से काफी समर्थन मिला है। उम्मीद है कि आने वाली प्रतियोगिताओं में भी सभी लोग इसी तरह हमारा साथ देंगे। जश्न मनाया जाएगा, एक बहुत बड़ा जश्न, जो यहां पहले से ही शुरू हो चुका है।" पुरुष टीम ने इस खिताब के साथ आठ मैचों में आठ जीत दर्ज करते हुए अपना अभियान समाप्त किया। भारत ने ग्रुप-ए में छह मुकाबले जीतकर शीर्ष स्थान हासिल किया था। भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 46-26, युगांडा को 44-30, मलेशिया को 37-23, नाइजीरिया को 50-23, तंजानिया को 48-20 और श्रीलंका को 45-24 से हराया था। इसके बाद सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 56-27 से शिकस्त देकर फाइनल में जगह बनाई और खिताबी मुकाबले में श्रीलंका को 54-20 से हराया। पूरे टूर्नामेंट में भारत ने कुल 380 अंक हासिल किए, जबकि विरोधी टीमों को 193 अंक ही बनाने दिए। खास बात यह रही कि कोई भी टीम पूरे टूर्नामेंट में भारत के खिलाफ 30 से ज्यादा अंक नहीं बना सकी।
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