शंघाई में संपन्न 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता म

WorldSkills Shanghai 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन, 6 रजत समेत 20 पदक जीते

शंघाई 2026 में भारत ने जीते 20 पदक

शंघाई: शंघाई, चीन में संपन्न प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता, 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता, शंघाई 2026 में टीम इंडिया ने 6 रजत पदक और 20 उत्कृष्टता पदक जीतकर 10वां स्थान हासिल किया। वर्ल्डस्किल्स लियोन 2024 में 13वें स्थान पर रहने के बाद जहां भारत ने चार कांस्य पदक और 12 उत्कृष्टता पदक जीते थे, यह उपलब्धि वैश्विक मंच पर देश के कुशल युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। वर्ल्डस्किल्स शंघाई में छह रजत पदक स्मृति नाम्बियार ने बेकरी में, मोहम्मद सलाम ने डेंटल प्रोस्थेटिक्स में, कोविड अजय गंगराडे ने डिजिटल इंटरेक्टिव मीडिया डिजाइन में, पार्थ वोहरा ने औद्योगिक डिजाइन प्रौद्योगिकी में, मेहरूनिसा बेगम ने लॉजिस्टिक्स और फ्रेट फॉरवर्डिंग में और सानिया जोशी ने खुदरा बिक्री में जीते। 

भारत ने जीते 20 पदक

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उनकी उपलब्धियां रचनात्मक, तकनीकी और सेवा क्षेत्र के कौशल को दर्शाती हैं, जो वैश्विक मंच पर भारतीय प्रतिभा की व्यापकता को प्रतिबिंबित करती हैं। भारत ने तकनीकी, औद्योगिक, डिजिटल, रचनात्मक और सेवा कौशल में उत्कृष्टता के लिए 20 पदक भी हासिल किए। बेकरी में रजत पदक विजेता स्मृति नाम्बियार को भारत की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागी के रूप में सम्मानित किया गया। 22 से 27 सितंबर 2026 तक आयोजित छह दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में लगभग 70 देशों और क्षेत्रों के 1400 से अधिक युवा प्रतियोगियों ने भाग लिया। भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अब तक का सबसे बड़ा दल 70 प्रतियोगियों का था, जिन्होंने उभरती प्रौद्योगिकियों, उन्नत विनिर्माण, इंजीनियरिंग, रचनात्मक उद्योगों और विशेष सेवाओं सहित 63 कौशलों में भाग लिया।

WorldSkills Shanghai में भारत का शानदार प्रदर्शन

23 से 26 सितंबर तक चार दिनों की कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद विजेताओं को 27 सितंबर को शंघाई में आयोजित भव्य समापन समारोह में सम्मानित किया गया। समारोह में असाधारण तकनीकी दक्षता, नवाचार, सटीकता और शिल्प कौशल का जश्न मनाया गया, जिसमें प्रतियोगियों, अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों, विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों ने दुनिया भर से भाग लिया। भारत सरकार में कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने टीम इंडिया के शानदार प्रदर्शन पर बधाई देते हुए एक बयान में कहा, वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में टीम इंडिया का उल्लेखनीय प्रदर्शन, जिसमें 6 रजत पदक और 20 उत्कृष्टता पदक शामिल हैं, वैश्विक कौशल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 

भारतीय युवाओं की वैश्विक कौशल में बढ़ी ताकत

अपने पिछले प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए हमारे युवा प्रतियोगियों ने भारत की कुशल प्रतिभा की बढ़ती ताकत और प्रतिस्पर्धात्मकता का प्रदर्शन किया है। मैं इस उपलब्धि में योगदान देने वाले प्रत्येक प्रतियोगी, विशेषज्ञ, प्रशिक्षक और उद्योग भागीदार को बधाई देता हूं। पदकों से परे हमें इस बात पर गर्व है कि हमारे युवाओं ने आत्मविश्वास, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता के साथ विश्व मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनकी सफलता भविष्य के लिए तैयार कौशल विकास प्रणाली के निर्माण और प्रत्येक युवा भारतीय को विश्व के सर्वश्रेष्ठ लोगों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर देने की हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।

महीनों की तैयारी से निखरी भारतीय युवाओं की वैश्विक कौशल प्रतिभा

भारत की यह उपलब्धि युवा प्रतियोगियों के समर्पण को दर्शाती है, जिन्हें महीनों की कड़ी तैयारी, विशेष प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रदर्शन करने का अवसर मिला। उत्कृष्टता पदक उन प्रतियोगियों को प्रदान किए जाते हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित वर्ल्डस्किल्स मानकों के अनुरूप उच्च स्तर की व्यावसायिक दक्षता प्रदर्शित करते हैं। प्रतियोगिता के माध्यम से प्राप्त अंतरराष्ट्रीय अनुभव पर अपना दृष्टिकोण साझा करते हुए वर्ल्डस्किल्स इंडिया की आधिकारिक प्रतिनिधि और भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार मनीषा सेन्सरमा ने कहा, वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता के साथ-साथ सीखने के बारे में भी है। 

11 नई कौशल श्रेणियों में भारत की पहली भागीदारी

शंघाई ने हमारे प्रतियोगियों और विशेषज्ञों को विकसित हो रहे वैश्विक व्यावसायिक मानकों, नई प्रौद्योगिकियों और अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं का अमूल्य अनुभव प्रदान किया है। अब हमारा ध्यान इन सीखों को सशक्त प्रशिक्षण पद्धतियों, बेहतर मूल्यांकन मानकों और उद्योग के साथ गहन जुड़ाव में परिवर्तित करने पर है ताकि इस अनुभव का लाभ प्रतियोगिता से परे भारत के व्यापक कौशल विकास तंत्र तक पहुंच सके। इस साल भारत की भागीदारी की एक महत्वपूर्ण विशेषता 11 नई और उभरती कौशल श्रेणियों में इसका पहला प्रदर्शन था, जिनमें डेंटल प्रोस्थेटिक्स, डिजिटल इंटरेक्टिव मीडिया डिज़ाइन, इंटेलिजेंट सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी, लैंडस्केप गार्डनिंग, ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजी, रिटेल सेल्स, मानवरहित हवाई प्रणाली, औद्योगिक यांत्रिकी, सॉफ्टवेयर टेस्टिंग, भारी वाहन प्रौद्योगिकी और विमान रखरखाव शामिल हैं।

नई तकनीक और कौशल क्षेत्रों में बढ़ी महिला प्रतिभागियों की भागीदारी

इन विशिष्ट श्रेणियों में भारत का प्रवेश देश के कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र के बदलते स्वरूप को दर्शाता है, जिसमें भविष्योन्मुखी व्यवसायों, नई प्रौद्योगिकियों और उद्योग-प्रेरित दक्षताओं पर अधिक जोर दिया जा रहा है। विभिन्न तकनीकी, रचनात्मक और सेवा-उन्मुख श्रेणियों में युवा महिलाओं की भागीदारी एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि थी। महिला प्रतियोगियों ने रासायनिक प्रयोगशाला प्रौद्योगिकी और रसद एवं माल अग्रेषण से लेकर फैशन प्रौद्योगिकी, दृश्य विपणन, स्वास्थ्य एवं सामाजिक देखभाल, आतिथ्य और अन्य विशिष्ट व्यवसायों तक के कौशल में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जो व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास में महिलाओं के लिए बढ़ते अवसरों को दर्शाता है। 

वैश्विक अनुभव से भारतीय कौशल प्रशिक्षण और मूल्यांकन तंत्र को मजबूती

वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में भारत की भागीदारी का समन्वय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के तत्वावधान में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) द्वारा किया गया था, जिसमें सेक्टर स्किल काउंसिल, उद्योग भागीदारों, प्रशिक्षण संस्थानों, तकनीकी विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों का सहयोग प्राप्त हुआ। इस प्रतियोगिता ने भारतीय प्रतिभागियों और विशेषज्ञों को बहुमूल्य अंतर्राष्ट्रीय अनुभव प्रदान किया, जिससे उन्हें वैश्विक व्यावसायिक मानकों, उभरती प्रौद्योगिकियों और अंतर्राष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं की जानकारी मिली, जो भारत के प्रशिक्षण और मूल्यांकन तंत्र को मजबूत करने में योगदान दे सकती है।

70 भारतीय युवाओं की मेहनत ने वैश्विक मंच पर देश का बढ़ाया मान

वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 के समापन के साथ टीम इंडिया का प्रदर्शन न केवल जीते गए पदकों का जश्न मनाता है, बल्कि उन 70 युवा भारतीयों की प्रतिबद्धता, दृढ़ता और आकांक्षाओं को भी दर्शाता है जिन्होंने विश्व के सबसे बड़े कौशल मंच पर देश का प्रतिनिधित्व किया। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ये उपलब्धियां कुशल, आत्मविश्वासी और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के पोषण हेतु गुणवत्तापूर्ण कौशल विकास, उद्योग साझेदारी और वैश्विक बेंचमार्किंग में निरंतर निवेश के महत्व को रेखांकित करती हैं। 

(इनपुट: ANI)

ये भी पढे़ं- बिहार में विभिन्न मामलों में 45 गिरफ्तार और भारी मात्रा में अवैध सामान बरामद