Asian Games 2026 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मलेश

Asian Games 2026: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने रचा इतिहास, मलेशिया को रौंदकर जीता लगातार दूसरा स्वर्ण पदक

Indian men's hockey team celebrating

आइची-नागोया (जापान)। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शनिवार को खिताबी मुकाबले में मलेशिया को 5-1 से करारी शिकस्त देकर साल 2026 के एशियाई खेलों (Asian Games) में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। महाद्वीपीय इवेंट में भारत का यह लगातार दूसरा गोल्ड मेडल है। इस शानदार जीत के साथ ही भारतीय टीम ने आगामी LA ओलंपिक 2028 के लिए भी सीधे क्वालिफाई कर लिया है।

इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में यह भारत का कुल 85वां पदक है, जिसमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल हैं। भारतीय पुरुष टीम ने साल 2022 और 2026 में लगातार खिताब जीतकर एशियाई खेलों में अपना स्वर्ण पदक डिफेंड करने का कारनामा पहली बार किया है। इससे पहले भारत ने 1966, 1998, 2014 और 2022 में भी पुरुष हॉकी का स्वर्ण अपने नाम किया था। इतिहास में यह भी पहला मौका है जब एक ही एशियाई खेलों के संस्करण में पुरुष और महिला दोनों भारतीय हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीते हैं। कबड्डी और क्रिकेट के बाद हॉकी अब महाद्वीपीय इवेंट में डबल-गोल्ड पोडियम फिनिश हासिल करने वाला तीसरा भारतीय टीम स्पोर्ट बन गया है।

रोमांचक फाइनल और गोल की पूरी कहानी

मैच की शुरुआत से ही भारतीय टीम ने आक्रामक रुख अपनाया। चौथे मिनट में भारत ने पहला सफल मूव बनाते हुए सर्कल में एंट्री की, हालांकि दो मिनट बाद विवेक का रिवर्स हिट गोल पोस्ट के बाहर निकल गया। लगातार दबाव बनाते हुए भारत ने 12वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने शानदार ड्रैग-फ्लिक से गोल दागकर भारत को 1-0 से बढ़त दिला दी।

मलेशिया ने भी तुरंत पलटवार किया। खेल के 14वें मिनट में शेल्लो सिल्वेरियस ने बाईं ओर से मिले एरियल पास को शानदार तरीके से कंट्रोल करते हुए हाफ-वॉली पर बेहद मुश्किल एंगल से गोलकीपर सूरज को छकाते हुए गेंद को नेट में पहुंचा दिया। पहला क्वार्टर 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ, जिसमें मलेशिया ने डिफेंस को मजबूत रखते हुए भारत के हमलों को रोके रखा।

दूसरे हाफ में भारत का दबदबा

मैच के 23वें मिनट में भारत ने एक बार फिर बढ़त हासिल की। जुगराज सिंह ने एक बेहतरीन पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलते हुए स्कोर 2-1 कर दिया और इसी बढ़त के साथ टीम हाफ-टाइम में गई। तीसरे क्वार्टर में भी भारतीय टीम का बॉल पोज़ेशन पर पूरा नियंत्रण रहा, हालांकि वे स्पष्ट मौके बनाने के लिए संघर्ष करती दिखी।

मुकाबले के 43वें मिनट में भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिला, जब मनदीप सिंह का शॉट पोस्ट डिफेंडर के शरीर से टकराकर डिफ्लेक्ट हुआ। हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक लेते हुए गोलकीपर को पूरी तरह गच्चा दिया और स्कोर 3-1 कर दिया।

आखिरी क्वार्टर में ताबड़तोड़ गोल

चौथे क्वार्टर में भी भारत लगातार चौथे गोल की तलाश में जुटा रहा। 53वें मिनट में लगातार कई पेनल्टी कॉर्नर मिले। टीवी रिव्यू के बाद फैसला भारत के पक्ष में रहा और 55वें मिनट में टीम को सफलता मिल ही गई। दाईं ओर से अभिषेक के शानदार रन और डिफ्लेक्शन के बाद गेंद शिलानंद लाकड़ा के पास पहुँची, जिन्होंने करीब से कोई गलती न करते हुए भारत को 4-1 की मजबूत बढ़त दिला दी।

इसके ठीक दो मिनट बाद (57वें मिनट) रिव्यू में दिलप्रीत सिंह को धक्का दिए जाने की पुष्टि होने पर भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। एक बार फिर हरमनप्रीत सिंह ने सेट पीस पर कोई चूक नहीं की और स्कोर को 5-1 पहुँचा दिया। अंत के कुछ मिनटों में भारतीय टीम ने संयम बनाए रखते हुए आसानी से अपनी बढ़त को सुरक्षित रखा और पोडियम के शीर्ष पर कब्जा जमाते हुए लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल अपने नाम किया। ​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

यह भी पढ़ें: प्रणवी उर्स ने रचा इतिहास, एशियाई खेलों में व्यक्तिगत गोल्फ का स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं