सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के कार्यवाहक कप्तान ईशान

ईशान किशन की 'महावापसी': वर्ल्ड कप जीत के बाद अब SRH की कमान, बताया कैसे बदली किस्मत

Ishan Kishan Opens Up on SRH Captaincy and T20 World Cup Comeback

हैदराबाद (तेलंगाना)। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के आगामी सीजन से पहले, सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के कार्यवाहक कप्तान ईशान किशन ने फ्रैंचाइजी में नेतृत्व की भूमिका मिलने पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे 'मेनिफेस्टेशन' (दृढ़ संकल्प) की शक्ति ने उन्हें भारतीय टीम में वापसी करने और टी20 विश्व कप विजेता टीम के साथ अपने जीवन के सबसे बेहतरीन दिन जीने में मदद की।

चुनौतीपूर्ण शुरुआत और कमिंस की गैरमौजूदगी

सनराइजर्स हैदराबाद अपने आईपीएल अभियान की शुरुआत 28 मार्च को एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ करेगी। ईशान किशन, जिन्होंने टी20 विश्व कप से पहले भारतीय टी20 टीम में अचानक वापसी की और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने शानदार प्रदर्शन से दुनिया को चौंका दिया, उन्हें अपनी कड़ी मेहनत का फल टी20 विश्व कप ट्रॉफी, दो 'प्लेयर ऑफ द मैच' अवॉर्ड और SRH की कप्तानी के रूप में मिला है। नियमित कप्तान पैट कमिंस अभी भी उस चोट से उबर रहे हैं जिसके कारण वे एशेज के ज्यादातर मैच और पूरे टी20 विश्व कप से बाहर रहे थे।

कप्तानी का मंत्र: सादगी और मानसिक स्पष्टता

SRH द्वारा जारी एक वीडियो में किशन ने कहा कि वे हमेशा से एक लीडर बनना चाहते थे। वे टीम को हर स्थिति में आगे ले जाना चाहते थे। उन्होंने अपनी कप्तानी का मंत्र बताते हुए कहा कि वे चीजों को काफी आसान रखेंगे और खिलाड़ियों को एक अच्छे मानसिक स्वास्थ्य (हेडस्पेस) में रखने की कोशिश करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि वे इस अवसर को पाकर बहुत खुश और अभिभूत हैं। उनका मानना है कि आईपीएल में आने वाले सभी खिलाड़ी बहुत अच्छे हैं, बस यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि वे सही रास्ते पर रहें और कुछ पारियों के बाद उनकी मानसिकता न बदले। उनके अनुसार, क्रिकेट में पूरे सीजन के दौरान मानसिक रूप से शांत और जागरूक रहना सबसे महत्वपूर्ण है।

विश्व कप की सुनहरी यादें और भारत की जीत

ईशान ने टी20 विश्व कप में 193 से अधिक की स्ट्राइक रेट और 35.22 की औसत से 317 रन बनाए, जिसमें फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक अर्धशतक सहित कुल तीन अर्धशतक शामिल थे। उन्होंने इस टूर्नामेंट को अपने जीवन के सबसे अच्छे दिनों में से एक बताया। उन्होंने याद किया कि कैसे सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका से 76 रनों की हार के बाद, जब भारत का अभियान खतरे में था, तब सभी खिलाड़ियों ने जरूरत के समय शानदार प्रदर्शन किया। जिम्बाब्वे पर जीत और फिर वेस्टइंडीज (अघोषित नॉकआउट) और इंग्लैंड (सेमीफाइनल में 7 रनों से जीत) के खिलाफ कठिन मैचों ने भारत को फाइनल में पहुंचाया, जहां उन्होंने न्यूजीलैंड को बल्ले और गेंद दोनों से मात देकर 96 रनों से जीत दर्ज की।

घरेलू क्रिकेट से दोबारा हासिल किया खोया हुआ सम्मान

अपनी वापसी और 'मेनिफेस्टेशन' की शक्ति पर बात करते हुए ईशान ने कहा कि जब वे टीम से बाहर थे और घरेलू क्रिकेट के प्रति कथित प्रतिबद्धता की कमी के कारण उनके पास सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट भी नहीं था, तब भी उन्हें खुद पर पूरा भरोसा था। उनका पूरा ध्यान कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास पर था। उन्होंने झारखंड को कप्तान के रूप में अपनी पहली सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) जिताई। यहां उन्होंने 10 पारियों में दो शतकों की मदद से 517 रन बनाए। इसी घरेलू प्रदर्शन ने उनके लिए विश्व कप का रास्ता साफ किया। उन्होंने संदेश दिया कि जो लोग खुद पर से विश्वास खो रहे हैं, उन्हें मेहनत जारी रखनी चाहिए क्योंकि चीजें बदलती हैं। इस साल 13 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में ईशान ने 207 की स्ट्राइक रेट और 40.92 की औसत से 532 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं।

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