ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय बॉक्सर जैस

जैस्मिन लैंबोरिया ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में रचा इतिहास, मुक्केबाजी में भारत को दिलाया स्वर्ण पदक

Indian boxer Jaismine Lamboria

ग्लासगो (स्कॉटलैंड)। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के महिला 57 किग्रा वर्ग के फाइनल मुकाबले में स्टार बॉक्सर जैस्मिन लैंबोरिया (Jaismine Lamboria) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मौजूदा चैंपियन मिकाएला वाल्श (Michaela Walsh) को 5-0 से पटखनी दी और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

सावधानी और रणनीति से हुई मुकाबले की शुरुआत

ग्लासगो में खेले गए इस खिताबी मुकाबले के शुरुआती तीन मिनट में दोनों ही मुक्केबाजों ने बेहद सतर्क रुख अपनाया। मुकाबला पूरी तरह से काउंटर-पंचिंग और सही मौके के इंतजार पर टिका हुआ था। स्थिति यह थी कि मुकाबले के पहले ही मिनट में रेफरी को दो बार दखल देकर दोनों फाइटर्स को आक्रामक होने और आपस में भिड़ने के लिए प्रेरित करना पड़ा। हालांकि शुरुआती दौर में बड़े हमलों की कमी जरूर खली, लेकिन जैस्मिन लैंबोरिया ने ज्यादा साफ-सुथरे और सटीक मुक्के जड़े, जिसकी बदौलत उन्होंने स्प्लिट डिसीजन में यह राउंड 3-2 से अपने नाम कर लिया।

दूसरे दौर में जैस्मिन की अचूक सटीकता और बढ़त

दूसरे दौर में मुकाबले की रफ्तार थोड़ी तेज हुई। मिकाएला वाल्श ने पूरी कोशिश की कि जैस्मिन आगे बढ़कर कोई गलती करें और वे उन्हें अपने जाल में फंसा सकें। लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने गजब का संयम दिखाया और पूरी समझदारी के साथ अपने शॉट्स चुने। जैस्मिन की सटीकता और उनके क्लीन स्कोरिंग पंचों ने जजों का दिल जीत लिया। जजों ने इस दौर में जैस्मिन के पक्ष में 5-0 से सर्वसम्मति का फैसला सुनाया, जिससे आखिरी दौर में उतरने से पहले भारतीय बॉक्सर की स्थिति बेहद मजबूत हो गई थी।

अंतिम राउंड का रोमांच और ऐतिहासिक जीत

आखिरी तीन मिनट के खेल में भी जैस्मिन लैंबोरिया ने अपने गजब के मानसिक संतुलन और अनुशासन को बनाए रखा। उन्होंने लगातार अधिक सटीक पंच जड़ना जारी रखा, जबकि मिकाएला वाल्श मुकाबले का पासा पलटने के लिए जरूरी आक्रामकता और तेजी दिखाने में पूरी तरह संघर्ष करती नजर आईं। जब मुकाबले की अंतिम घंटी बजी, तो जजों ने सर्वसम्मति से जैस्मिन लैंबोरिया को विजेता घोषित कर दिया और भारत के खाते में एक और स्वर्ण पदक जुड़ गया। परिणाम घोषित होने के बाद दोनों मुक्केबाजों ने रिंग के बीच में एक-दूसरे को गले लगाकर बेहतरीन खेल भावना का अद्भुत उदाहरण पेश किया।

भारत के लिए स्वर्णिम मुक्केबाजी का शानदार दिन

जैस्मिन की यह ऐतिहासिक जीत ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए मुक्केबाजी का दूसरा स्वर्ण पदक साबित हुई। इससे पहले शनिवार को ही महिला 54 किग्रा वर्ग के फाइनल मुकाबले में प्रीति पवार (Preeti Pawar) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो (Scarlett Delgado) को सर्वसम्मति से हराकर देश के लिए दिन का पहला बॉक्सिंग गोल्ड मेडल हासिल किया था। इन दोनों की ऐतिहासिक जीत के साथ ही ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए मुक्केबाजी में लगातार दूसरा स्वर्ण पदक दर्ज हो गया है। ​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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