छत्तीसगढ़ हॉकी लीग: मैनपाट टाइटंस ने संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को 4-2 से हराकर जीता पहला खिताब
रायपुर (छत्तीसगढ़): मैनपाट टाइटंस ने छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन का खिताब अपने नाम कर लिया है। टाइटंस और संस्कारधानी स्ट्राइकर्स के बीच खेला गया फाइनल मुकाबला छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया की मौजूदगी में संपन्न हुआ। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (सीएलएच) का यह पहला संस्करण रविवार, 1 नवंबर को समाप्त हुआ, जिसमें मैनपाट टाइटंस ने रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को 4-2 के स्कोर से हराकर ट्रॉफी उठाई।
छह टीमों ने लिया लीग के पहले सीजन में हिस्सा
एक विज्ञप्ति के अनुसार, छत्तीसगढ़ सरकार के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित और हॉकी इंडिया द्वारा मान्यता प्राप्त इस लीग में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह फ्रेंचाइजी टीमों ने हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के हॉकी खिलाड़ियों को एक मंच प्रदान करना और राज्य के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना था, जो 12 दिनों तक चले इस टूर्नामेंट में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
मुख्यमंत्री और केंद्रीय खेल मंत्री की मौजूदगी में हुआ फाइनल
रायपुर के खचाखच भरे स्टेडियम में खेले गए इस मैच में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया और उपमुख्यमंत्री तथा छत्तीसगढ़ के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। इन सभी ने मैनपाट टाइटंस को अभिषेक यादव, प्रहलाद राजभर और मोहित नायक के दो गोलों की बदौलत खिताब जीतते हुए देखा। मैनपाट ने मैच की शुरुआत काफी तेज गति से की और शुरुआती मिनटों में ही कुछ अच्छे मौके बनाए। उन्होंने शुरुआती दौर में ही सर्किल में पैठ बनाई, जो किसी भी टीम के लिए हमेशा एक अच्छा संकेत होता है। लेकिन जवाबी हमले में शाहरुख ने एक मौका बनाया, जिसका शॉट एक डिफेंडर ने रोक दिया। स्ट्राइकर्स को एक पेनल्टी स्ट्रोक मिला, लेकिन टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा गोल करने वाले आशीष तानी पुर्ती जब सर्वश्रेष्ठ गोलकीपरों में से एक अल्फज़ खान के सामने आए, तो वे गोल करने से चूक गए। हालांकि, पहले क्वार्टर के अंतिम क्षणों में अभिषेक यादव ने पेनल्टी कॉर्नर के रिबाउंड पर रिवर्स फ्लिक से गोल करके इसकी भरपाई कर दी।
दूसरे और तीसरे क्वार्टर में बराबरी पर पहुंचा मुकाबला
दूसरा क्वार्टर लगभग बिना किसी बड़े बदलाव के बीता, लेकिन संदीप कुमार और प्रहलाद राजभर की जोड़ी ने स्कोर बराबर करने के लिए बेहतरीन खेल दिखाया। संदीप ने गोलकीपर के सामने सर्किल के ठीक बाहर से एक ठोस पास दिया और प्रहलाद ने गेंद को गोल के अंदर भेजने के लिए उस पर हल्का सा स्पर्श किया। मैनपाट ने तीसरे क्वार्टर में मैच का रुख मोड़ने की कोशिश की। संदीप ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर स्कोर 2-1 कर दिया, लेकिन उनकी यह बढ़त ज्यादा देर तक नहीं टिक पाई। स्ट्राइकर्स को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। आशीष एक बार फिर चूक गए, लेकिन सारिख अहमद ने रनिंग बॉल पर गोल कर दिया। तीसरे क्वार्टर की समाप्ति पर स्कोर 2-2 की बराबरी पर था।
आखिरी क्वार्टर में मोहित नायक ने पलटा मैच
फाइनल का निर्णायक मूव टाइटंस के मोहित नायक की ओर से आया, जिन्होंने मार्किंग के बावजूद सर्किल में अपने लिए जगह बनाई और फिर अपने प्रहार से गेंद को गोलपोस्ट के शीर्ष बाएं कोने में पहुंचा दिया। मैच के अंतिम पलों में उसी खिलाड़ी ने एक मैदानी गोल करके स्कोर को चार तक पहुंचा दिया। दूसरी ओर, स्ट्राइकर्स के लिए सबसे बड़ी असफलता यह रही कि आशीष पूरे 60 मिनट के खेल में एक भी पेनल्टी कॉर्नर को गोल में नहीं बदल सके। संस्कारधानी के अभिषेक को स्ट्राइकर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला, जबकि मोहित को अपनी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। टूर्नामेंट की कुल इनामी राशि 21 लाख रुपये थी, जिसमें विजेता टीम मैनपाट टाइटंस को 11 लाख रुपये और उपविजेता टीम संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को 6 लाख रुपये मिले। लीग के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को भी सम्मानित किया गया। शाहरुख अली को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट, 13 गोल करने वाले आशीष तानी पुर्ती को टॉप स्कोरर और हिमांशु को सीएलएच का सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर चुना गया। स्थानीय खिलाड़ी मोहित नायक ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन किया और उन्हें सर्वश्रेष्ठ छत्तीसगढ़ी खिलाड़ी का पुरस्कार दिया गया। वहीं, एक उभरती हुई प्रतिभा के रूप में देखे जाने वाले संदीप कुमार को इमर्जिंग प्लेयर (यू-21) का पुरस्कार मिला।
स्थानीय खिलाड़ियों को दिग्गजों के साथ खेलने का मिला मौका
फाइनल मैच की लाइव कार्रवाई देखने के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मैदान पर शानदार हॉकी खेलने के लिए दोनों कप्तानों और टीमों की प्रशंसा की। सीएम विष्णुदेव साय यह देखकर विशेष रूप से गदगद थे कि 108 स्थानीय खिलाड़ियों ने प्रदीप, शमशेर, ललित उपाध्याय, युवराज वाल्मिकी, चिंग्लेसाना सिंह, सुरेंद्र कुमार और एस.वी. सुनील जैसे दिग्गज भारतीय खिलाड़ियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मुकाबला किया। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का यह पहला सीजन हॉकी में भागीदारी को प्रोत्साहित करने, उभरती हुई प्रतिभाओं को प्रतिस्पर्धी अनुभव देने और भारतीय हॉकी में राज्य के योगदान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ, क्योंकि छत्तीसगढ़ के कई स्थानीय खिलाड़ियों को भारत के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिला।
ANI
ये भी पढ़ें: भारत का नेविगेशन सैटेलाइट मिशन शानदार सफलता की ओर, इसरो प्रमुख वी. नारायणन