दक्षिण कोरिया के चांगवोन में चल रही डब्ल्यूएसपीएस

पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल ने विश्व चैंपियनशिप में रजत जीतकर पैरालंपिक कोटा हासिल किया

Mona Agarwal Wins Silver and Paralympic Quota

नई दिल्ली (भारत)। भारतीय पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को दक्षिण कोरिया के चांगवोन में डब्ल्यूएसपीएस विश्व चैंपियनशिप में 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश के लिए 2028 लॉस एंजिलिस पैरालंपिक खेलों का कोटा हासिल किया। इसी स्पर्धा में पेरिस पैरालंपिक की स्वर्ण पदक विजेता अवनि लेखरा तीसरे स्थान पर रहीं और कांस्य पदक जीता लेकिन वह कोटा हासिल नहीं कर सकीं क्योंकि केवल शीर्ष दो स्थान पर रहने वाले निशानेबाजों को ही कोटा मिलना था।

युक्त प्रदर्शन के दम पर टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता

मोना और अवनि ने अपने संयुक्त प्रदर्शन के दम पर टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। व्यक्तिगत स्पर्धा का स्वर्ण सर्बिया की क्रिस्टीना ने जीता। उन्होंने भी लॉस एंजिलिस पैरालंपिक के लिए कोटा हासिल किया। एसएच1 वर्ग में ऐसे निशानेबाज शामिल होते हैं जिनके निचले अंगों में दिव्यांगता होती है लेकिन वे बिना किसी स्टैंड के अपनी बंदूक का वजन संभाल सकते हैं।

मोना ने पेरिस पैरालंपिक में कांस्य पदक जीता

मोना ने पेरिस पैरालंपिक में कांस्य पदक जीता था। राजस्थान के सीकर की रहने वाली 38 साल की इस निशानेबाज को बचपन में ही पोलियो हो गया था। निशानेबाजी और पैरा निशानेबाजी में कोटा स्थान उस खिलाड़ी का नहीं बल्कि देश का होता है। खेलों के करीब आने पर ट्रायल और आकलन के बाद प्रतिभागियों की अंतिम सूची तैयार की जाती है। (इनपुटः भाषा)

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