नागोया एशियन गेम्स में आवास संकट से जूझ रहे भारतीय

नागोया एशियन गेम्स: आवास संकट के बीच भारतीय दल के लिए उतरी सरकार, डायस्पोरा ने खोले घर

A massive cruise ship is accomodating Asian Games 2026 athletes

नागोया (जापान)। जापान के नागोया में 20वें एशियन गेम्स का आगाज़ होने में बस कुछ ही घंटे बाकी हैं, लेकिन उससे पहले आवास को लेकर मची अफरा-तफरी ने सुर्खियां बटोर लीं। इस बार एथलीट्स के लिए पारंपरिक 'एथलीट्स विलेज' नहीं बनाया गया, बल्कि खिलाड़ियों को एक विशाल क्रूज़ शिप, होटलों और 'विला' में ठहराया जा रहा है। मिसमैनेजमेंट की खबरों के बीच भारतीय खेल मंत्रालय ने फौरन कमर कस ली और तीन-स्तरीय व्यवस्था खड़ी कर दी।

  • खिलाड़ियों की छत बनी 'कोस्टा सेरेना' नाम की क्रूज़ शिप, जिसकी लंबाई 290.2 मीटर और कुल टनभार लगभग 114,000 टन है, इसमें 1,500 केबिन और 3,780 यात्रियों की क्षमता है।
  • खेल मंत्रालय (MYAS) ने संकट से निपटने के लिए तीन-स्तरीय प्रबंधन प्रणाली लगाई और नागोया में रह रहे लगभग 2,000 भारतीय प्रवासियों को -स्टैंडबाय पर रखा गया, ताकि जरूरत पड़ने पर वे अपने घर एथलीट्स के लिए खोल सकें।
  • खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने नागोया पहुंचकर IOA अध्यक्ष पीटी उषा से मुलाकात की और आवास संकट पर चर्चा की, जिससे टीम का मनोबल बढ़ा।
  • भारत के शेफ डी मिशन सहदेव यादव ने कबूल किया कि शुरुआत में आवास कोटा घटाए जाने से टीम को एक ही दिन में अतिरिक्त होटल बुक करने पड़े।

आवास कोटा घटने से नागोया पहुंचते ही बढ़ी मुश्किलें

नागोया पहुंचते ही भारतीय दल के सामने पहली चुनौती आवास संकट के रूप में सामने आई। शेफ डी मिशन सहदेव यादव ने साफ कहा कि जब टीम वहां पहुंची, तो उन्हें बताया गया कि उनका आवास कोटा घटा दिया गया है। इस झटके के बाद टीम को महज एक दिन में अतिरिक्त होटल बुक करने पड़े, 18 कमरे पहले ही बुक किए जा चुके थे और 10 और बुक करने की तैयारी थी।

क्रूज़ पर लंबा एक्रेडिटेशन और ट्रांसपोर्ट की चुनौती

यादव ने यह भी बताया कि क्रूज़ पर ही एक्रेडिटेशन प्रोसेस चल रहा है, जो काफी लंबा है और इसमें बहुत वक्त लग रहा है। इसके अलावा ट्रांसपोर्टेशन को लेकर भी कुछ दिक्कतें सामने आईं, जिसके लिए टीम ने अपने स्तर पर गाड़ियों और होटलों की अलग व्यवस्था कर ली। 

विवाद छोड़कर सिर्फ खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर फोकस

हालांकि यादव ने इस पूरे मसले को ज़्यादा तूल न देते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता किसी को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि एथलीट्स को हर तरह की सुविधा और आराम मुहैया कराना है, ताकि वे सिर्फ अपने प्रदर्शन पर फोकस कर सकें और मेडल जीत सकें।

खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे आया भारतीय डायस्पोरा

इस बीच खेल मंत्रालय ने मोर्चा संभालते हुए ऐलान किया कि नागोया में बसे लगभग 2,000 भारतीय अपने घर खोलने के लिए तैयार हैं, अगर किसी एथलीट को आवास में परेशानी होती है। भारतीय डायस्पोरा और मंत्रालय के समन्वय के तहत" एयरपोर्ट पर दो और वेलकम सेंटर पर तीन लोगों को तैनात किया गया है ताकि खिलाड़ियों को दिक्कत न हो।

कोस्टा सेरेना क्रूज़ और होटलों में हुई अनोखी ठहरने की व्यवस्था

क्रूज़ शिप 'कोस्टा सेरेना' का इस्तेमाल इस पूरे आयोजन का सबसे चर्चित पहलू बन गया, क्योंकि पहली बार पारंपरिक एथलीट्स विलेज की जगह समुद्री जहाज़, गार्डन पियर स्थित 'विला' और शहर भर के होटलों में एथलीट्स को ठहराया जा रहा है। मंत्री मंडाविया की पीटी उषा से मुलाकात और सरकार की तेज़ प्रतिक्रिया दिखाती है कि भारतीय दल हर हाल में खिलाड़ियों को असुविधा से बचाने में जुटा है। ​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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