देश के दिग्गज शूटर जसपाल राणा का आज सुबह मैक्स साक

पद्मश्री से सम्मानित निशानेबाज जसपाल राणा का निधन, मैक्स अस्पताल में ली आखिरी सांस

जसपाल राणा (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप और एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल विजेता शूटर जसपाल राणा का आज सुबह मैक्स साकेत अस्पताल में निधन हो गया। उनका शव अस्पताल से घर ले जाया गया। देश के दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा ने 49 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। म्यूनिख से लौटते समय जसपाल राणा की तबीयत बिगड़ गई थी। दिल्ली पहुंचने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।  

जसपाल राणा के निधन पर PM मोदी ने जताया शोक

जसपाल राणा के निधन की खबर सुनकर खेल जगत में शोक की लहर है। जसपाल राणा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह समेत कई लोगों ने शोक जताया है। पीएम मोदी ने जसपाल राणा के निधन को खेल जगत की बड़ी क्षति बताया है।

<blockquote lang="en" dir="ltr">Deeply saddened by the passing of Shri Jaspal Rana Ji. His passing is a profound loss to the world of Indian sports.<br><br>He brought immense glory to the nation through his extraordinary achievements in shooting. Equally remarkable was his contribution as a mentor, shaping and…</p>&mdash; Narendra Modi (@narendramodi) <a href="https://x.com/narendramodi/status/2065294856789033357?ref_src=twsrc%5Etfw">June 12, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>

वहीं, राजनाथ सिंह ने कहा है कि जसपाल राणा ने भारत में शूटिंग को एक खेल के रूप में लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी उपलब्धियों ने न केवल उन्हें, बल्कि पूरे देश को गर्व महसूस कराया। 

खेल को अलविदा कहने के बाद युवा निशानेबाजों को प्रेरित किया

जसपाल ने निशानेबाजी में कई उपलब्धियां हासिल कीं। खेल को अलविदा कहने के बाद वो एक कोच के रूप में नई प्रतिभाओं को निखारने में जुट गए थे। उनकी मेहनत और लगन ने कई युवा निशानेबाजों को प्रेरित किया। वे डबल ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर के भी कोच थे। उत्तरकाशी के जसपाल राणा को 2002 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

मनु भाकर के कोच रहे हैं जसपाल राणा

मनु भाकर की कहानी प्रेरणादायक है। टोक्यो ओलंपिक में जब वो खाली हाथ लौटने के बाद 2023 में जसपाल ने उन्हें कोचिंग दी। मनु ने अपनी मेहनत और जसपाल की गाइडेंस से पेरिस ओलंपिक में पदक जीता। जसपाल राणा ने उन्हें सिर्फ तकनीक नहीं सिखाई, बल्कि आत्मविश्वास भी दिया।