FIFA World Cup 2026: तुर्किये का वर्ल्ड कप सपना टूटा, 10 खिलाड़ियों के साथ खेलकर भी पैराग्वे ने मारी बाजी
कैलिफ़ोर्निया (अमेरिका)। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-डी मुकाबले में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। पैराग्वे ने जबरदस्त संघर्ष दिखाते हुए तुर्किये को 1-0 से हरा दिया है। इस जीत के साथ ही पैराग्वे ने नॉकआउट राउंड (राउंड ऑफ 32) में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा है, जबकि यूरोपीय टीम तुर्किये लगातार दूसरी हार के साथ टूर्नामेंट से बाहर हो गई है। पैराग्वे ने मैच का बड़ा हिस्सा सिर्फ 10 खिलाड़ियों के साथ खेला, फिर भी तुर्किये की टीम बराबरी का गोल नहीं दाग सकी।
मैच की बड़ी बातें (Key Highlights)
| शुरुआती झटका: मैच शुरू होने के महज 65 सेकेंड के भीतर पैराग्वे ने गोल दागकर बढ़त बना ली थी। लाल कार्ड का ड्रामा: हाफ-टाइम से ठीक पहले पैराग्वे के स्टार खिलाड़ी मिगुएल अल्मिरोन को रेड कार्ड देखना पड़ा। तुर्किये बाहर: लगातार दूसरी शिकस्त के साथ तुर्किये का फीफा वर्ल्ड कप 2026 का सफर खत्म हो गया है। |
शुरुआती 65 सेकेंड में हुआ बड़ा उलटफेर, गालार्जा का दमदार गोल
सैन फ्रांसिस्को बे एरिया वेन्यू पर खेले गए इस मुकाबले में पैराग्वे को जैसी शुरुआत चाहिए थी, वैसी ही मिली। मैच शुरू होने के ठीक 65 सेकेंड बाद तुर्किये के एक खिलाड़ी ने गलत पास दे दिया। पैराग्वे के मिडफील्डर मटियास गालार्जा ने इस बड़ी लापरवाही का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने दूरी से ही एक बेहद दमदार शॉट लगाया, जो तुर्किये के गोलकीपर उगुरकन कैकिर को छकाते हुए सीधे नेट में जा घुसा।
इस शुरुआती झटके से उबरने के बाद तुर्किये ने वापसी की कोशिशें तेज कीं। मैच के 14वें मिनट में अर्दा गुलर का शॉट बार के ऊपर से निकल गया, जबकि केनन यिल्डिज ने एक बेहतरीन बाइसिकल किक के जरिए पैराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल की परीक्षा ली। आधे घंटे के खेल के बाद मर्ट मुल्डुर का एक हेडर गोल पोस्ट और क्रॉसबार दोनों से टकराकर वापस आ गया, जिससे तुर्किये बराबरी करने से चूक गया।
हाफ-टाइम से पहले रेड कार्ड, 10 खिलाड़ियों पर सिमटा पैराग्वे
मैच में असली ड्रामा हाफ-टाइम से ठीक पहले हुआ। विरोधी खिलाड़ी के साथ हुई तीखी बहस और झड़प के बाद पैराग्वे के मिगुएल अल्मिरोन को रेफरी ने रेड कार्ड (लाल कार्ड) दिखा दिया। इसके चलते पैराग्वे को पूरा दूसरा हाफ सिर्फ 10 खिलाड़ियों के साथ ही खेलना पड़ा।
संख्या बल में मजबूत होने के बावजूद तुर्किये की टीम दूसरे हाफ में पैराग्वे के डिफेंस को भेदने में नाकाम रही। हालांकि, पैराग्वे के पास भी बढ़त दोगुनी करने का मौका था जब जूलियो एनकिसो का शॉट वाइड चला गया। दूसरी तरफ, तुर्किये के स्थानापन्न खिलाड़ी डेनिज़ गुल का हेडर सीधे गोलकीपर के हाथों में चला गया।
मैच के आखिरी पलों में तुर्किये ने दबाव बढ़ा दिया था। कैन उज़ुन का एक शॉट गोल पोस्ट के करीब से निकल गया, और मैच के अंतिम समय में उन्होंने गोलकीपर के सीधे हाथ में शॉट मारकर सबसे बड़ा मौका गंवा दिया। इंजरी टाइम में मेरिह डेमिरल का हेडर भी टारगेट से चूक गया और अंतिम सीटी बजते ही पैराग्वे ने टूर्नामेंट की अपनी पहली जीत दर्ज कर ली। अब तुर्किये का अमेरिका के खिलाफ आखिरी ग्रुप मैच सिर्फ साख की लड़ाई बनकर रह गया है।
इस हार-जीत का आम पाठकों के लिए क्या है मतलब?
इस मैच के नतीजे से ग्रुप-डी का समीकरण पूरी तरह बदल गया है। पैराग्वे के लिए अब आगे की राह आसान हो गई है और अगले मैच में जीत उन्हें सीधे नॉकआउट स्टेज में पहुंचा देगी। वहीं तुर्किये के फैंस के लिए यह बड़ा झटका है क्योंकि टीम अब औपचारिक रूप से विश्व कप की रेस से बाहर हो चुकी है।Source: ANI
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