एशियाई खेलों में तीन स्पर्धाओं में उतरेंगी पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी की मैराथन पैदल चाल पर नजर
बेंगलुरु (कर्नाटक)। एशियाई खेलों में दो स्वर्ण पदक जीत चुकीं भारतीय एथलीट पारुल चौधरी इस बार तीन स्पर्धाओं में चुनौती पेश करने को तैयार हैं। 3000 मीटर स्टीपलचेज और 5000 मीटर के साथ 1500 मीटर में भी उतरने वाली पारुल ने कहा कि अतिरिक्त स्पर्धा को लेकर वह दबाव में नहीं हैं और उन्हें अपनी कड़ी तैयारी पर पूरा भरोसा है। वहीं, ओलंपियन प्रियंका गोस्वामी 42.2 किलोमीटर मैराथन पैदल चाल में पदक जीतने के इरादे से मैदान में उतरेंगी।
पारुल को जापान और बहरीन से कड़ी चुनौती की उम्मीद
चौधरी ने चीन के हांगझोऊ एशियाई खेलों में में 3000 मीटर स्टीपलचेज़ और 5000 मीटर में स्वर्ण पदक जीता था। इस बार वह इन दो स्पर्धाओं के अलावा 1500 मीटर स्पर्धा में भी भाग लेंगी। चौधरी ने पीटीआई से कहा, ‘‘कड़ा मुकाबला होगा। एशिया विशेषकर जापान और बहरीन के खिलाड़ियों से कड़ी चुनौती मिलेगी लेकिन मुझे अच्छा प्रदर्शन करने का पूरा भरोसा है। पिछली बार मैंने स्वर्ण पदक जीते थे और इस बार भी मैं उस प्रदर्शन को दोहराने के लिए प्रतिबद्ध हूं।’’
लगातार तीन दिन स्पर्धाओं में उतरेंगी पारुल
चौधरी ने स्वीकार किया कि तीन अलग-अलग दिनों में तीन अलग-अलग स्पर्धाओं में भाग लेना मुश्किल हो सकता है लेकिन इस 31 वर्षीय खिलाड़ी ने उम्मीद जताई कि भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में जापान की परिस्थितियों के अनुकूल अभ्यास करने से उन्हें फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘तीन स्पर्धाओं में भाग लेना मुश्किल हो सकता है लेकिन मैं उसी अनुसार अभ्यास कर रही हूं। मुझे लगातार तीन दिनों तक प्रतिस्पर्धा करनी है।’’
खराब प्रदर्शन के बावजूद पदक का भरोसा
चौधरी ने कहा, ‘‘मैं इन चीजों को ध्यान में रखकर ही अभ्यास कर रही हूं। मैं बिल्कुल भी दबाव नहीं लेती और केवल अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान देती हूं। मुझे पूरा यकीन है कि मैं पदक जीतने में सफल रहूंगी।’’ एशियाई खेलों से पहले चौधरी का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा। उन्होंने हाल ही में ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में वह 3000 मीटर स्टीपलचेज़ और 5000 मीटर में क्रमश: पांचवां और 15वां स्थान हासिल किया था।
प्रियंका गोस्वामी मैराथन पैदल चाल में उतरेंगी
इस बीच पैदल चाल की खिलाड़ी और ओलंपियन प्रियंका गोस्वामी इस बार एशियाई खेलों में मैराथन पैदल चाल में भाग लेगी। उन्होंने 2022 में बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 10000 मीटर दौड़ में ऐतिहासिक रजत पदक जीता था। उन्हें उम्मीद है कि वह 42.2 किलोमीटर की दौड़ में बेहतर प्रदर्शन करेंगी।
प्रियंका की नजर पदक पर
प्रियंका ने कहा, ‘‘मैं पदक जीतना चाहती हूं। मुझे 42 किलोमीटर की मैराथन दौड़नी है। एशियाई स्तर पर पैदल चाल की स्पर्धा काफी कड़ी होती है। यह ओलंपिक जितनी ही कठिन है। लेकिन मैं पदक जीतने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगी।’’ प्रियंका ने कहा कि उन्होंने मैराथन पैदल चाल के लिए अलग तरह से तैयारी की है।
42 किमी मैराथन के लिए सहनशक्ति पर जोर
उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रमंडल खेलों में यह 10000 मीटर था और अब यह 42 किलोमीटर है। स्पर्धा और अभ्यास के लिहाज से यह पूरी तरह से अलग है। 10 किलोमीटर की दौड़ गति पर जबकि 42 किलोमीटर की दौड़ सहनशक्ति पर आधारित होती है। मैं इसी अनुसार अभ्यास कर रही हूं।’’
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