दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने मंगलवार को रेडिट

सचिन तेंदुलकर ने बताए अपने पसंदीदा कप्तान, सौरव गांगुली और एमएस धोनी को रखा सबसे ऊपर

Sachin Names Ganguly and Dhoni His Favourite Captains

नई दिल्ली: दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने मंगलवार को रेडिट के 'आस्क मी एनीथिंग' (AMA) सत्र के दौरान भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान उन्होंने सौरव गांगुली और एमएस धोनी को अपने पसंदीदा कप्तानों में सबसे ऊपर रखा। इसके साथ ही उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के कप्तान तेम्बा बावुमा की भी जमकर तारीफ की।

गांगुली और धोनी को बताया पसंदीदा कप्तान

अपने पसंदीदा कप्तानों के बारे में पूछे जाने पर तेंदुलकर ने कहा, "जहां तक मेरे पसंदीदा कप्तानों की बात है, सौरव गांगुली और एमएस धोनी निश्चित रूप से मेरी सूची में सबसे ऊपर होंगे।" तेंदुलकर ने 1996 और 2000 के बीच दो कार्यकाल में 25 टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की थी। उन्होंने इस जिम्मेदारी को बड़ा सम्मान बताया, लेकिन स्वीकार किया कि इस भूमिका के साथ अपनी चुनौतियां भी जुड़ी थीं।

कप्तानी के दौरान पूरी टीम चुनने की नहीं मिली आजादी

मास्टर ब्लास्टर ने कहा कि टीम का कप्तान बनना एक बड़ा सम्मान था, हालांकि उन्हें हमेशा अपनी टीम पूरी तरह से खुद चुनने की आजादी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि उस दौर की तुलना में आज बीसीसीआई कहीं अधिक पेशेवर संगठन है। उस अवधि के दौरान भारतीय क्रिकेट एक कठिन दौर से भी गुजरा था। तेंदुलकर ने मार्च 2000 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में हार के बाद कप्तानी से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने बाद में 2007 में टेस्ट कप्तान के रूप में वापसी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। इसके बाद एमएस धोनी ने टीम की कमान संभाली।

तेम्बा बावुमा की कप्तानी और जज्बे की तारीफ

53 वर्षीय तेंदुलकर ने दक्षिण अफ्रीका के कप्तान तेम्बा बावुमा की भी प्रशंसा की। खास तौर पर उन्होंने लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2025 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका की जीत का जिक्र किया। बावुमा के नेतृत्व की तारीफ करते हुए तेंदुलकर ने कहा, "मैं वास्तव में तेम्बा बावुमा की भावना की प्रशंसा करता हूं। उन्होंने आगे बढ़कर नेतृत्व किया है और दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट के लिए कुछ उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं। दक्षिण अफ्रीका द्वारा कोई आईसीसी खिताब जीतना विश्व क्रिकेट के लिए बहुत बढ़िया है।"

दिग्गज बल्लेबाजों को आउट करने पर दिया मजेदार जवाब

एक हल्के-फुल्के सवाल में तेंदुलकर से पूछा गया कि उनके दौर के कई दिग्गज बल्लेबाजों में से उन्हें किसे गेंदबाजी करना सबसे ज्यादा पसंद था। इस सूची में ब्रायन लारा, रिकी पोंटिंग, मैथ्यू हेडन, जैक्स कैलिस, माहेला जयवर्धने, कुमार संगकारा, शिवनारायण चंद्रपॉल और इंजमाम-उल-हक जैसे खिलाड़ी शामिल थे। पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने अपने खास अंदाज में जवाब देते हुए कहा, "उन सभी को गेंदबाजी करने में मजा आया, क्योंकि मैंने उन सभी को आउट कर दिया था! हा हा!"

संजू सैमसन को क्या सलाह दी थी सचिन ने?

तेंदुलकर ने भारत की 2026 पुरुष टी20 विश्व कप जीत से पहले संजू सैमसन के साथ हुई बातचीत को लेकर भी मजेदार जवाब दिया। सैमसन ने पहले अपने करियर के मुश्किल दौर में मार्गदर्शन और मानसिक स्पष्टता देने के लिए सचिन तेंदुलकर को श्रेय दिया था। विकेटकीपर-बल्लेबाज टूर्नामेंट से कुछ महीने पहले तेंदुलकर के साथ नियमित संपर्क में रहे थे। सैमसन ने भारत के खिताबी अभियान में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने 321 रन बनाए और उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। जब तेंदुलकर से पूछा गया कि उन्होंने सैमसन को क्या सलाह दी थी, तो उन्होंने जवाब दिया, "नी पू मोने दिनेशा! संजू आपको बताएंगे कि इसका क्या मतलब है।" इस मलयालम वाक्यांश का शाब्दिक अर्थ है, "तुम चले जाओ, मेरे लड़के दिनेश।" समय के साथ यह वाक्यांश लोकप्रिय मलयाली स्लैंग बन गया है। इसका इस्तेमाल अक्सर मजाकिया या व्यंग्यात्मक अंदाज में किसी को टालने या उसकी बात खारिज करने के लिए किया जाता है।

100 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाने वाले इकलौते बल्लेबाज हैं सचिन

क्रिकेट इतिहास के महानतम बल्लेबाजों में शामिल सचिन तेंदुलकर ने 1989 से 2013 तक भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक लगाने वाले दुनिया के इकलौते खिलाड़ी हैं। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 51 और वनडे में 49 शतक बनाए हैं। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 15,921 और वनडे क्रिकेट में 18,426 रन दर्ज हैं। दोनों प्रारूपों में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम है।

ANI

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