स्पेन बना फीफा विश्व कप 2026 का चैंपियन, अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर जीता दूसरा खिताब
न्यू जर्सी,(अमेरिका)। स्पेन ने एक्स्ट्रा टाइम के बाद मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर FIFA वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीता। इसके साथ ही लियोनेल मेसी के खिताब बचाने का सपना टूट गया और स्पेन का शानदार 'बिना हारे' टूर्नामेंट का सफर पूरा हुआ, जिसमें 'ला रोजा' (स्पेन की टीम) ने आठ मैचों में सिर्फ़ एक गोल खाया।
स्पेन ने जीता FIFA वर्ल्ड कप खिताब
सब्सटिट्यूट फेरान टोरेस हीरो बनकर उभरे। उन्होंने 106वें मिनट में अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज को छकाते हुए नेट के ऊपरी हिस्से में ज़बरदस्त शॉट मारकर निर्णायक गोल किया। इस जीत के साथ स्पेन ने पुरुषों का दूसरा FIFA वर्ल्ड कप खिताब जीता। इससे पहले उन्होंने 2010 में यह ट्रॉफी जीती थी। बार्सिलोना के 19 साल के स्टार खिलाड़ी लैमिन यमल के लिए यह उनके युवा करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि थी, जो स्पेन की पहली वर्ल्ड कप जीत के समय सिर्फ़ तीन साल के थे।
मेसी के एक शानदार दौर के अंत
इस हार ने अर्जेंटीना और मेसी के लिए एक शानदार दौर के अंत का संकेत दिया। मेसी ने ही अपनी टीम को 2022 FIFA वर्ल्ड कप और 2021 व 2024 में कोपा अमेरिका का खिताब जिताया था। UEFA यूरो 2024 पहले ही जीतने के बाद, अब स्पेन के पास यूरोप और दुनिया दोनों के खिताब हैं। इससे टीम के एक और दबदबे वाले दौर की उम्मीदें बढ़ गई हैं, जो 2008 से 2012 के बीच उनके ऐतिहासिक प्रदर्शन की याद दिलाता है, जब उन्होंने दो यूरोपियन चैंपियनशिप और FIFA वर्ल्ड कप जीता था।
साइमन ने शानदार प्रदर्शन के बाद 'गोल्डन ग्लव' जीता
हालांकि यमल ने टूर्नामेंट में सिर्फ़ एक गोल किया, लेकिन स्पेन की सफलता किसी एक खिलाड़ी के शानदार खेल के बजाय पूरी टीम के सामूहिक प्रदर्शन पर टिकी थी। मिडफील्डर रोड्री ने मैदान के बीच में खेल को संभाला, मिकेल ओयारज़ाबल पांच गोल के साथ टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर्स में शामिल रहे, जबकि गोलकीपर उनाई साइमन ने शानदार प्रदर्शन के बाद 'गोल्डन ग्लव' जीता। टोरेस ने रिकॉर्ड बुक में भी अपना नाम दर्ज कराया। वह FIFA वर्ल्ड कप फाइनल में गोल करने वाले पांचवें सब्सटिट्यूट खिलाड़ी बने। उनसे पहले जर्मनी के मारियो गोट्ज़े ने 2014 के फाइनल में अर्जेंटीना के खिलाफ़ विनिंग गोल किया था।
2010 के बाद स्पेन की दूसरी जीत
2010 में स्पेन के लिए आंद्रेस इनिएस्ता के एक्स्ट्रा-टाइम में किए गए विनिंग गोल के बाद, वह वर्ल्ड कप फ़ाइनल में गोल करने वाले बार्सिलोना के दूसरे खिलाड़ी बन गए। स्पेन का ख़िताब तक का सफ़र केप वर्डे के साथ गोल-रहित ड्रॉ के साथ शुरू हुआ, जो एक चौंकाने वाली टीम थी। इसके बाद सऊदी अरब (4-0) और उरुग्वे (1-0) पर शानदार जीत के साथ उन्होंने ग्रुप H में टॉप स्थान हासिल किया।
एक्स्ट्रा टाइम में अर्जेंटीना को मिले दो येलो कार्ड
फिर उन्होंने राउंड ऑफ़ 32 में ऑस्ट्रिया को 3-0 से हराया, राउंड ऑफ़ 16 में पुर्तगाल को 1-0 से मात दी, क्वार्टर फ़ाइनल में बेल्जियम को 2-1 से हराया और सेमीफ़ाइनल में फ़्रांस को 2-0 से हराया। न्यूयॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम में हुए फ़ाइनल में स्पेन का दबदबा रहा और उन्होंने अर्जेंटीना को सिर्फ़ एक शॉट ऑन टारगेट लेने दिया, जबकि खुद 12 शॉट लिए। एक्स्ट्रा टाइम में दो येलो कार्ड मिलने के बाद एंजो फर्नांडीज को बाहर भेजे जाने से अर्जेंटीना की टीम 10 खिलाड़ियों की रह गई, जिससे स्पेन को जीत पक्की करने और वर्ल्ड कप का ख़िताब फिर से जीतने में मदद मिली। (एएनआई)
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