रायबरेली के एक नर्सिंग होम में टॉन्सिल ऑपरेशन के ब

रायबरेली में टॉन्सिल ऑपरेशन के बाद 10 वर्षीय बच्ची ब्रेन डेड, नर्सिंग होम पर लापरवाही के गंभीर आरोप

10-Year-Old Girl Declared Brain Dead After Tonsil Surgery in Raebareli

रायबरेली (उत्तर प्रदेश)। शहर के इंदिरा नगर स्थित शाश्वत नर्सिंग होम से चिकित्सा लापरवाही का एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची का टॉन्सिल का ऑपरेशन किया गया था, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। आनन-फानन में उसे लखनऊ रेफर किया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे 'ब्रेन डेड' घोषित कर दिया है। 

दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन

इस घटना से आक्रोशित पीड़ित परिवार ने नर्सिंग होम के संचालक व डॉक्टर पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय में न्याय की गुहार लगाई है। जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम से जाँच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

टॉन्सिल के ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, लालगंज तहसील के पूरे बोधी मजरे अगई गाँव के निवासी शरद कुमार सिंह ने अपनी 10 वर्षीय बेटी शिवानी को गले में टॉन्सिल की शिकायत होने पर इंदिरा नगर स्थित शाश्वत नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। यहाँ ईएनटी विशेषज्ञ डॉक्टर अमित सिंह द्वारा बच्ची के टॉन्सिल का ऑपरेशन किया गया। परिजनों का संगीन आरोप है कि ऑपरेशन के तुरंत बाद ही बच्ची की तबीयत अचानक बेहद गंभीर हो गई, जिसे डॉक्टर संभाल नहीं सके।

लखनऊ के अपोलो हॉस्पिटल में घोषित हुई 'ब्रेन डेड'

​नर्सिंग होम में हालत काबू से बाहर होते देख डॉक्टर ने पल्ला झाड़ते हुए बच्ची को तत्काल लखनऊ रेफर कर दिया। बदहवास परिजन उसे लेकर लखनऊ के अपोलो हॉस्पिटल पहुँचे। वहाँ सघन जाँच और इलाज के बाद डॉक्टरों ने शिवानी को 'ब्रेन डेड' घोषित कर दिया। इस खबर के सुनते ही पीड़ित परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई और अस्पताल परिसर में ही कोहराम मच गया।

डीएम दफ्तर पहुँचे ग्रामीण, कार्रवाई की माँग

​बेटी की इस हालत से आक्रोशित और दुखी पिता शरद कुमार सिंह अपने परिजनों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ रायबरेली के जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचे। उन्होंने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपते हुए नर्सिंग होम संचालक डॉक्टर अमित सिंह और उनके स्टाफ पर इलाज में जानलेवा लापरवाही बरतने और गलत प्रक्रिया अपनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। 

मामले की तहकीकात के लिए एक विशेष टीम गठित

इस संवेदनशील मामले को संज्ञान में लेते हुए जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया है। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम गठित कर मामले की तहकीकात कराई जाएगी और यदि लापरवाही की पुष्टि होती है, तो दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ​ यह भी पढ़ें:    रायबरेली में करंट लगने से 25 वर्षीय युवक की मौत, संदिग्ध हालात में पुलिस जांच शुरू