भारत की टॉप-10 कंपनियों के मूल्य में 11 लाख करोड़ रुपये की गिरावट, फिर भी मजबूत बनी कॉरपोरेट ताकत
मुंबई : एक्सिस बैंक के बरगंडी प्राइवेट और हुरुन इंडिया की ओर से जारी 'भारत की 500 सबसे मूल्यवान गैर-सरकारी कंपनियां' रिपोर्ट के पांचवें संस्करण के अनुसार, भारत की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान गैर-सरकारी कंपनियों का संयुक्त मूल्य 2026 में पिछले वर्ष की तुलना में 11 लाख करोड़ रुपये घट गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक साल पहले इन कंपनियों का कुल मूल्य 97 लाख करोड़ रुपये था, जो अब घटकर 86 लाख करोड़ रुपये रह गया है।
GDP का चौथाई हिस्सा अब भी इन कंपनियों के पास
गिरावट के बावजूद, इन कंपनियों का महत्व बरकरार है। रिपोर्ट के अनुसार, शीर्ष 10 कंपनियों का कुल मूल्य भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का लगभग एक चौथाई और 2025 की बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 सूची के कुल मूल्य का 27 प्रतिशत है। रिपोर्ट में कहा गया है कि शीर्ष 10 कंपनियों का संयुक्त मूल्य 11 लाख करोड़ रुपये घटकर 86 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
रिलायंस लगातार पांचवें साल सबसे मूल्यवान कंपनी
रिपोर्ट के अनुसार, Reliance Industries लगातार पांचवें वर्ष भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। कंपनी ने वर्ष के दौरान 1.8 लाख करोड़ रुपये से अधिक का मूल्यवर्धन किया और सबसे अधिक मूल्य सृजित करने वाली कंपनी के रूप में उभरी।
बजाज फाइनेंस ने दर्ज की सबसे तेज वृद्धि
प्रतिशत के हिसाब से Bajaj Finance सबसे अधिक मूल्य सृजित करने वाली कंपनी रही। कंपनी का मूल्य बढ़कर 5.8 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
10 वर्षों में 3.5 गुना बढ़ा मूल्य
रिपोर्ट में कहा गया है कि अल्पकालिक दबावों के बावजूद भारतीय कॉरपोरेट क्षेत्र दीर्घकालिक विकास की मजबूत तस्वीर पेश करता है। शीर्ष 10 कंपनियों का कुल मूल्य पिछले एक दशक में 3.5 गुना बढ़ा है, जबकि सात कंपनियां पिछले पांच वर्षों से लगातार शीर्ष 10 में बनी हुई हैं।
500 कंपनियों में केवल 198 का मूल्य बढ़ा
रिपोर्ट के अनुसार, इंडिया इंक का कुल मूल्य 3.4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया है। हालांकि, वर्ष के दौरान बाजार का प्रदर्शन चुनिंदा कंपनियों तक सीमित रहा। 500 कंपनियों में से केवल 198 कंपनियों के मूल्य में वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट में कहा गया कि निवेशकों ने इस बार केवल दावों और संभावनाओं के बजाय मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, नकदी प्रवाह और बैलेंस शीट की मजबूती को अधिक महत्व दिया।
95 नई कंपनियों की हुई एंट्री
भारतीय अर्थव्यवस्था में बढ़ती उद्यमशीलता का संकेत देते हुए रिपोर्ट में बताया गया कि 95 नई कंपनियां सूची में शामिल हुई हैं। इनका संयुक्त मूल्य 18.45 लाख करोड़ रुपये है। साथ ही, 2021 के बाद से सूची में एक-तिहाई से अधिक कंपनियां नई शामिल हुई हैं, जो भारतीय उद्योग जगत में तेजी से हो रहे बदलाव को दर्शाता है।
छोटे शहरों की कंपनियों ने भी बनाई जगह
रिपोर्ट में कहा गया है कि अब मूल्य सृजन केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं है। राजकोट, बीकानेर, कुंभकोणम और राजनांदगांव जैसे शहरों की कंपनियों ने भी सूची में स्थान बनाया है।
Groww, Ather और Meesho की शानदार छलांग
इस वर्ष 12 कंपनियों के मूल्य में दोगुनी से अधिक वृद्धि दर्ज की गई। Groww ने 430 प्रतिशत वृद्धि के साथ सबसे बड़ा उछाल दर्ज किया। इसके बाद Adani Properties (301 प्रतिशत), Ather Energy (224 प्रतिशत), Anthem Biosciences (185 प्रतिशत) और Meesho (164 प्रतिशत) का स्थान रहा।
आईपीएल फ्रेंचाइजी भी सूची में शामिल
रिपोर्ट में खेल क्षेत्र के बढ़ते व्यावसायिक महत्व को भी रेखांकित किया गया है। कई आईपीएल फ्रेंचाइजी जैसे Kolkata Knight Riders, Chennai Super Kings, Royal Challengers Bengaluru, Rajasthan Royals और Punjab Kings भी इंडिया 500 सूची में शामिल हुई हैं।
AI और रक्षा क्षेत्र को भी मिली मजबूती
रिपोर्ट के अनुसार, Sarvam AI भारत की 500 कंपनियों की सूची में शामिल होने वाली पहली स्वदेशी बड़ी भाषा मॉडल (LLM) डेवलपर कंपनी बन गई है। वहीं, Solar Industries India के शीर्ष 50 कंपनियों में शामिल होने से रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को भी मजबूती मिली है।
वित्तीय सेवाएं और हेल्थकेयर बने प्रमुख सेक्टर
रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्तीय सेवाएं और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र भारत के कॉरपोरेट जगत में मूल्य सृजन के प्रमुख चालक बने हुए हैं।
(एएनआई)
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