ओडिशा के गंजाम जिले में चक्रवात अर्नब के बाद भारी

ओडिशा में चक्रवात 'अर्नब' के बाद भीषण भूस्खलन, गंजाम में 12 लोग लापता; 140 से अधिक बचावकर्मी तैनात

Heavy rainfall triggered by Cyclone Arnab

गंजाम (ओडिशा)। चक्रवात 'अर्नब' के कारण हुई भारी बारिश के बाद ओडिशा के गंजम जिले के भंजनगर क्षेत्र के गिदिपाबाली गांव में एक भीषण भूस्खलन हुआ, जिसके बाद 12 लोग अभी भी लापता हैं। मीडिया को जानकारी देते हुए गंजम के जिला कलेक्टर वी. कीर्तिवासन ने बताया कि जिला प्रशासन ने कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव, निकासी और राहत कार्यों को तेज कर दिया है। निचले इलाकों में फंसे लोगों और बढ़ते नदी जलस्तर से प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रभावित लोगों की सहायता के लिए एनडीआरएफ, ओड्राफ और अग्निशमन सेवाओं की बचाव टीमों को तैनात किया गया है।

आपातकालीन सहायता प्रदान करने की व्यवस्था

आवश्यक खाद्य आपूर्ति, पीने का पानी और अन्य आपातकालीन सहायता प्रदान करने की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है और लोगों की सुरक्षा तथा आवश्यक सेवाओं की त्वरित बहाली सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर रहा है। कलेक्टर ने जनता से अपील की कि वे इस चुनौतीपूर्ण स्थिति के दौरान सतर्क रहें, आधिकारिक निर्देशों का पालन करें और जिला प्रशासन का सहयोग करें। कलेक्टर ने आगे बताया कि लापता व्यक्तियों को खोजने के लिए एनडीआरएफ, ओड्राफ, दमकल कर्मियों, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी), पुलिस और अन्य विभागों के 140 से अधिक कर्मी जुटे हुए हैं।

10 सहायक आयुक्तों, कार्यकारी अधिकारियों और इंजीनियरों की सेवाएं उपलब्ध

उन्होंने कहा कि नौसेना और रेलवे के नौसेना हेलीकॉप्टर और लाइव सिस्मिक डिटेक्शन डिवाइस मौके पर पहुंचेंगे। गंजम जिले के भंजनगर ब्लॉक के अंतर्गत बाइबाली पंचायत का गिदिपाकाली गांव वह स्थान है जहां के सभी लोग लापता हैं। भूषण ने कहा कि हम उन्हें खोजने के लिए कंधमाल में एक बड़ा बचाव अभियान चला रहे हैं। चक्रवात 'अर्नब' के कारण उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को देखते हुए, आवास और शहरी विकास विभाग ने गंजम के जिला कलेक्टर के पास जिला प्रबंधन और राहत कार्यों को मजबूत करने के लिए 10 सहायक आयुक्तों, कार्यकारी अधिकारियों और इंजीनियरों की सेवाएं उपलब्ध कराई हैं।

ये अधिकारी हुए शामिल

तैनात अधिकारियों में खंडपड़ा एनएसी के कार्यकारी अधिकारी अभिषेक मिश्रा, ओडागांव एनएसी के कार्यकारी अधिकारी निहार रंजन बेहरा, दसपल्ला एनएसी के कार्यकारी अधिकारी अविनाश मोहंती, भुवनेश्वर के बीएमसी सहायक आयुक्त बाबुला दलाई, भुवनेश्वर के बीएमसी सहायक आयुक्त देबाशीष बेहरा, जटानी नगरपालिका के सहायक कार्यकारी इंजीनियर पतितापबना पटनायक, भुवनेश्वर के बीएमसी सहायक कार्यकारी इंजीनियर जयंत कुमार मैत्रा, भुवनेश्वर के बीएमसी सहायक इंजीनियर जदाबेंद्र महापात्रा, कटक के केएमसी सहायक इंजीनियर चित्तरंजन स्वाइन और खोरधा नगरपालिका के सहायक इंजीनियर सत्य नारायण मंडल शामिल हैं।

जलजनित बीमारियों के फैलने को रोकने पर विशेष जोर

प्रभावित शहरी स्थानीय निकायों में पेयजल आपूर्ति और स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी के लिए डब्ल्यूएटीसीओ (WATCO) और पीएचईओ (PHEO) की टीमों को प्रतिनियुक्त किया गया है। बाढ़ के बाद पेयजल स्रोतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जलजनित बीमारियों के फैलने को रोकने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सभी जल स्रोतों और अन्य सामुदायिक जल स्रोतों को अच्छी तरह से साफ, कीटाणुरहित और सैनिटाइज किया जाना है।

तैनात अधिकारियों और विभागीय टीमों द्वारा समन्वित प्रयास

प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ के बाद की स्वच्छता और स्वास्थ्यकर स्थितियों की बहाली को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार जन स्वास्थ्य की रक्षा करने और सभी प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल तथा आवश्यक नागरिक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रतिक्रिया को मजबूत करने, राहत कार्यों को सुगम बनाने और सामान्य नागरिक सेवाओं की समय पर बहाली सुनिश्चित करने के लिए तैनात अधिकारियों और विभागीय टीमों द्वारा समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।

सभी स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थान 03.11.2026 तक रहेंगे बंद

भारी बारिश की संभावना और छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, गंजम जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्र, स्कूल, डिग्री कॉलेज, तकनीकी संस्थान और विश्वविद्यालय 03.11.2026 तक बंद रहेंगे। हालांकि, जिला कलेक्टर कार्यालय ने एक्स पर दी गई जानकारी में बताया कि शिक्षक और कर्मचारी अपने-अपने कर्तव्यों पर उपस्थित रहेंगे।

(इनपुटः ANI)

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