उत्तर प्रदेश का गाजियाबाद जनपद रियल एस्टेट सेक्टर

यूपी के 8 जिलों की 13 रियल एस्टेट परियोजनाओं को रेरा की मंजूरी, गाजियाबाद बना निवेश का हब

Housing Market UP

लखनऊ। उत्तर प्रदेश का गाजियाबाद जनपद रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी से एक प्रमुख लग्जरी और निवेश केंद्र के रूप में उभर रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी (NH-9 और RRTS) और अरबों के सरकारी निवेश के कारण यह जिला उत्तर प्रदेश में सबसे अग्रणी और पसंदीदा रियल एस्टेट हब बन चुका है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) द्वारा 1,287 एकड़ में बसाई जा रही यह नई स्मार्ट सिटी गाजियाबाद का भविष्य तय कर रही है।

8 जिलों में 13 परियोजनाओं को मिली मंजूरी

उत्तर प्रदेश के आठ जिलों में कुल 3,052.73 करोड़ की अनुमानित लागत वाली 13 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को भू सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (UP RERA) ने मंजूरी प्रदान कर दी है। इन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 4,772 आवासीय एवं वाणिज्यिक इकाइयों का विकास किया जाएगा। परियोजनाओं को यूपी रेरा मुख्यालय में आयोजित 202वीं प्राधिकरण बैठक में मंजूरी दी गई।

गाजियाबाद निवेश और इकाइयों में सबसे आगे

परियोजनाओं की संख्या, निवेश राशि और स्वीकृत इकाइयों के मामले में गाजियाबाद सबसे अग्रणी जिला रहा। जिले में कुल 1,936.72 करोड़ की लागत वाली चार परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इनमें राज नगर एक्सटेंशन (बजट घर), इंदिरापुरम और कौशाम्बी (प्रीमियम), और वेव सिटी (लग्जरी) जैसे क्षेत्र घर खरीदारों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।

गौतमबुद्ध नगर और अन्य जिलों की स्थिति

उत्तर प्रदेश में कुल निवेश और इकाइयों की संख्या के मामले में गौतमबुद्ध नगर दूसरे स्थान पर रहा। जिले में 420.50 करोड़ की अनुमानित लागत वाली एक वाणिज्यिक परियोजना को मंजूरी दी गई। आगरा में 246.94 करोड़ की लागत वाली दो आवासीय परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई, जिनसे 797 आवासीय इकाइयों का निर्माण होगा।

लखनऊ, मथुरा और वाराणसी की परियोजनाएं

लखनऊ में कुल 216.14 करोड़ की लागत वाली दो आवासीय परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनके तहत 364 आवासीय इकाइयों का विकास किया जाएगा। मथुरा में 10.28 करोड़ की लागत वाली 81 इकाइयों की एक परियोजना को मंजूरी मिली। वाराणसी में 41.12 करोड़ की लागत वाली परियोजना के तहत 131 आवासीय इकाइयों का विकास किया जाएगा।

प्रयागराज और बाराबंकी में भी विकास

प्रयागराज में 102.69 करोड़ की लागत वाली एक आवासीय परियोजना के तहत 241 इकाइयों का निर्माण होगा। वहीं बाराबंकी में 78.34 करोड़ की अनुमानित लागत वाली एक आवासीय परियोजना को स्वीकृति दी गई, जिसके तहत 104 आवासीय इकाइयों का विकास किया जाएगा।

रोजगार और आर्थिक विकास को बढ़ावा

इन स्वीकृत परियोजनाओं से निर्माण कार्य के दौरान और उसके बाद बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। निर्माण सामग्री, परिवहन, इंजीनियरिंग, वास्तुकला, वित्तीय सेवाओं तथा अन्य संबद्ध क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि से राज्य की अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

रेरा की सख्ती और पारदर्शिता पर जोर

Sanjay Bhoosreddy ने कहा कि रेरा रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध नियमन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रमोटर और डेवलपर्स सहित सभी हितधारकों को परियोजनाओं की समयसीमा और नियामकीय दायित्वों का कड़ाई से पालन करना चाहिए, ताकि घर खरीदारों के हित पूरी तरह सुरक्षित रह सकें।

यह भी पढ़े: कोरबा में सब्जी लेने गए युवकों की मौत

https://www.primenewsnetwork.in/state/two-youth-run-over-by-vehicle-in-korba/206085