बेंगलुरु में 29 ठिकानों पर छापेमारी, 1909 संदिग्धों से पूछताछ, पकड़े गए 15 बांग्लादेशी नागरिक
कर्नाटक: बेंगलुरु इलेक्ट्रॉनिक सिटी उपमंडल पुलिस ने 29 स्थानों पर चलाए गए एक बड़े अभियान के दौरान 1,909 संदिग्ध अवैध प्रवासियों को हिरासत में लिया, जिनमें से 15 की बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने बताया कि यह अभियान शनिवार सुबह इलेक्ट्रॉनिक सिटी के पुलिस उपायुक्त एम नारायण के नेतृत्व में चलाया गया, जिसमें 23 विशेष टीमों ने सुबह करीब 4 बजे से एक साथ छापेमारी की।
15 लोगों की अवैध बांग्लादेशी नागरिक होने की हुई पुष्टि
इलेक्ट्रॉनिक सिटी क्षेत्र में रहने वाले संदिग्ध अवैध प्रवासियों की पहचान और उन्हें हिरासत में लेने के उद्देश्य से चलाए गए इस संयुक्त अभियान में कुल 295 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद 15 लोगों की अवैध बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने बताया कि उनके पास से फर्जी आधार कार्ड मिले हैं जिनमें पश्चिम बंगाल और असम को उनके मूल स्थान के रूप में दर्शाया गया है। अन्य 1,894 संदिग्धों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि उनके वीजा, पासपोर्ट और अन्य राष्ट्रीयता संबंधी दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
राष्ट्रीयता संबंधी दस्तावेजों की भी की जा रही जांच
पुलिस के मुताबिक, पहचाने गए 15 बांग्लादेशी नागरिक बांग्लादेश के खुलना जिले के बागेरहाट के रहने वाले हैं। माना जाता है कि वे अवैध रूप से भारत में घुस आए हैं। डीसीपी नारायण ने उन संगठनों के खिलाफ भी चेतावनी जारी की, जो बांग्लादेशी नागरिकों के ठिकानों पर छापा मारकर उन्हें धमकाकर और कथित तौर पर उनसे पैसे वसूल कर 'नैतिक पुलिसिंग' कर रहे हैं। डीसीपी ने कहा, अगर आपको किसी के बांग्लादेशी नागरिक होने का शक हो तो कृपया पुलिस को सूचित करें। कानून को अपने हाथ में न लें। नैतिक पुलिसिंग में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा आगे की जांच अभी जारी है।
(इनपुट: ANI)
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