उत्तराखंड के ऊंचे हिमालयी इलाकों में बिगड़े मौसम औ

उत्तराखंड में बर्फबारी के बीच 179 ट्रैकर्स फंसे, 8 हेलीकॉप्टरों से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

179 trekkers stranded in Uttarakhand snowfall, rescue ops underway with 8 helicopters

देहरादून | उत्तराखंड के ऊंचे हिमालयी इलाकों में बिगड़े मौसम और बर्फबारी के बीच 179 ट्रैकर्स, माउंटेनियर्स और सहयोगी स्टाफ के फंसे होने की सूचना है। उत्तरकाशी से लेकर बागेश्वर के पिंडारी क्षेत्र तक फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली से लौटते ही राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर पूरे अभियान की स्थिति की समीक्षा की।

उत्तरकाशी में 136 और पिंडारी में 43 लोग फंसे

प्रशासन के अनुसार, उत्तरकाशी में 136 और बागेश्वर के पिंडारी क्षेत्र में 43 लोगों के फंसे होने की सूचना मिली थी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अलग-अलग दलों की लोकेशन, मौसम की स्थिति और रेस्क्यू प्लान की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सभी लोगों की सुरक्षित वापसी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

40 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू

उत्तरकाशी में फंसे 136 लोगों में से 40 लोगों को सुरक्षित निकालने की जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई है। वहीं, 40 लोगों ने फिलहाल रेस्क्यू कराने से इनकार करते हुए अपनी यात्रा जारी रखने की इच्छा जताई है। बाकी लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा।

8 हेलीकॉप्टर रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाए गए

ऊंचाई, बर्फबारी, बदलते मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। इसी को देखते हुए 8 हेलीकॉप्टरों को अभियान में लगाया गया है। जरूरत पड़ने पर तत्काल मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने के लिए हेली एंबुलेंस को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है।

मौसम बना सबसे बड़ी चुनौती

ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बदलता मौसम हेलीकॉप्टर रेस्क्यू के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। हेलीकॉप्टर उड़ान के लिए पर्याप्त विजिबिलिटी और सुरक्षित मौसम की स्थिति जरूरी है। प्रशासन मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए रेस्क्यू अभियान को आगे बढ़ा रहा है।

CM ने अधिकारियों को दिए समन्वय के निर्देश

दिल्ली से देहरादून लौटने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एयरपोर्ट से सीधे राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे। उन्होंने उत्तरकाशी के जिलाधिकारी से सीधे बात कर ग्राउंड जीरो की स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू अभियान में संसाधनों की कमी आड़े नहीं आनी चाहिए और किसी भी ट्रैकर, माउंटेनियर या पोर्टर की सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए।

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