दिन के समय उपलब्ध सस्ती सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग

यूपी में ईवी चार्जिंग को बढ़ावा देने के लिए सोलर आवर्स में 20% टैरिफ छूट लागू

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बिजली उत्पादन, आपूर्ति और उपभोक्ता राहत के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रदेश में बिजली दरें देश की सबसे न्यूनतम दरों में हैं, जबकि बिजली आपूर्ति देश की सर्वाधिक एवं सबसे बेहतर श्रेणी में है। इसके साथ ही योगी सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) को बढ़ावा देने और हरित ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने और दिन के समय उपलब्ध सस्ती सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रातः 9 बजे से सायं 4 बजे तक निर्धारित सोलर आवर्स में 20 प्रतिशत टैरिफ छूट की व्यवस्था लागू की है। 

32,673 मेगावाट बिजली मांग पूरी कर उत्तर प्रदेश ने बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड

ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि इससे न केवल ईवी चार्जिंग को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के उपयोग को भी प्रोत्साहन मिलेगा जोकि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। योगी सरकार का लक्ष्य प्रत्येक उपभोक्ता को सस्ती, गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना है। लगातार सातवें वर्ष भी प्रदेश में बिजली की दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई है। सभी उपभोक्ता श्रेणियों के लिए देय टैरिफ को यथावत रखा गया है। यह निर्णय सरकार की जनकल्याणकारी सोच तथा गरीबों, किसानों, घरेलू एवं अन्य उपभोक्ताओं के हितों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है। वहीं उत्तर प्रदेश विद्युत आपूर्ति के क्षेत्र में प्रतिदिन अपने ही रिकॉर्ड तोड़ रहा है। प्रदेश ने 32,673 मेगावाट की अब तक की सर्वाधिक विद्युत मांग को सफलतापूर्वक पूरा कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया है।

मिर्जापुर एवं मेजा सहित विभिन्न क्षेत्रों में तापीय विद्युत परियोजनाओं पर कार्य तेजी से चल रहा

पूर्ववर्ती सरकारों के समय तापीय विद्युत उत्पादन मात्र 5,180 मेगावाट तक सीमित था, जबकि आज प्रदेश सौर ऊर्जा से ही इससे अधिक उत्पादन कर रहा है। लगभग 4,000 मेगावाट क्षमता सोलर पार्कों से तथा लगभग 2,500 मेगावाट क्षमता प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के माध्यम से विकसित की जा रही है। इसके साथ ही मिर्जापुर एवं मेजा सहित विभिन्न क्षेत्रों में तापीय विद्युत परियोजनाओं पर कार्य तेजी से चल रहा है। साथ ही पुराने तापीय विद्युत संयंत्रों की दक्षता में भी उल्लेखनीय सुधार किया गया है। पहले जहां ये संयंत्र लगभग 65 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर पर संचालित होते थे, वहीं अब उनकी कार्यक्षमता बढ़कर लगभग 85 प्रतिशत तक पहुंच गई है। 

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