मुंगेर में एक माह से बंद नल-जल योजना, 200 लोगों को पेयजल संकट का सामना
मुंगेर (बिहार)। धरहरा प्रखंड के औड़ाबगीचा पंचायत स्थित वार्ड संख्या-16 महादलित बस्ती रामराजपुर में पिछले एक माह से नल-जल योजना बंद रहने के कारण पेयजल का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। करीब 40 घर और लगभग 200 की आबादी वाले इस वार्ड के लोगों को पीने और घरेलू उपयोग के लिए दूसरे मोहल्लों के चापाकलों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है।
पिछले एक माह से नल-जल योजना पूरी तरह बंद
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक माह से नल-जल योजना पूरी तरह बंद है। इसकी शिकायत कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। लोगों का कहना है कि रोजाना पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे काफी समय और मेहनत लगता है।
अब तक नहीं पहुंची पक्की सड़क
इस महादलित बस्ती में पेयजल संकट तो है ही, यहां तक पहुंचने वाली सड़क भी अब तक कच्ची ही है। बारिश होने पर सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है। स्कूली बच्चों को भी रोज कीचड़ भरे रास्ते से होकर विद्यालय जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में उन्हें नारकीय जीवन जीने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से अविलंब नल-जल योजना चालू कराने तथा महादलित बस्ती तक पक्की सड़क निर्माण कराने की मांग की है।
एक सप्ताह के भीतर योजना को चालू कर दिया जाएगा: जेई
नल-जल योजना का सबमर्सिबल खराब हो जाने के कारण पिछले एक माह से जलापूर्ति बाधित है। नया सबमर्सिबल लगाने के लिए बोरिंग का काम कल से किया जाएगा। बोरिंग का काम पूरा होते ही एक सप्ताह के भीतर योजना को चालू कर दिया जाएगा। इससे वार्ड के करीब 40 परिवारों और लगभग 200 की आबादी को फिर से नियमित पेयजल मिलने लगेगा।
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