12 दस्तावेजों की सूची में नाम न होने से 20 हजार लोग परेशान
जबलपुर। मध्य प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची की जांच प्रक्रिया आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। जबलपुर में इस प्रक्रिया के चलते करीब 20 हजार लोग अपने नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने या सत्यापन कराने के लिए भटकने को मजबूर हैं। हालात ऐसे हैं कि अब पुरानी वोटर आईडी भी मान्य नहीं मानी जा रही है।
लोगों के पास नहीं दस्तावेज
प्रशासन द्वारा पहचान के लिए 12 दस्तावेजों की सूची तय की गई है, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों के पास ये दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। खासकर एक ही स्थान पर लंबे समय से रह रहे नागरिक अपनी पहचान और मतदान अधिकार को लेकर असमंजस में हैं।
नहीं हो रहा सत्यापन
स्थानीय लोगों का कहना है कि आधार कार्ड और पुरानी वोटर आईडी के बावजूद उनका सत्यापन नहीं हो पा रहा, जिससे उन्हें तहसील और राजस्व न्यायालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसका असर यह हुआ है कि तहसील कार्यालयों और कोर्ट परिसर में भारी भीड़ देखी जा रही है।
अधिकारी बोले, पारदार्शिता के लिए सख्ती
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सख्ती बरती जा रही है, लेकिन नागरिकों की मांग है कि पुराने वैध दस्तावेजों को भी मान्यता दी जाए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न झेलनी पड़े।
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