मध्यप्रदेश के बैतूल में एक अजीबो-गरीब मामला सामने

बैतूल में सरकारी क्वार्टर बना सागौन तस्करों का ठिकाना, 23 नग चरपट जब्त

23 Teak Logs Seized from Government Quarter in Betul

बैतूल: मध्यप्रदेश के बैतूल में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया। शातिर सागौन तस्करों ने एक शासकीय रिक्त भवन में सागौन के 23 नग चरपट छिपाकर रखे हुए थे। दरअसल, मामला भैंसदेही तहसील का है, जहां शासकीय आवास में छिपाकर रखी गई लाखों की सागौन की लकड़ी पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग के खाली पड़े सरकारी क्वार्टर से 23 नग सागौन की चरपट बरामद की, जिसकी कीमत करीब 1 लाख रुपये बताई जा रही है।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

दरअसल 8 अक्टूबर की रात बीएमओ भैंसदेही ने पुलिस को लिखित सूचना दी थी कि स्वास्थ्य विभाग के एक रिक्त शासकीय आवास में इमारती लकड़ी रखे होने की जानकारी मिली है। सूचना मिलते ही थाना भैंसदेही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और आवास की तलाशी ली। तस्दीक के दौरान पुलिस को सरकारी क्वार्टर के अंदर 23 नग सागौन की चरपट रखी मिली।

पंचनामा बनाकर लकड़ी की जब्ती

पुलिस ने मौके पर ही गवाहों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार कर पूरी लकड़ी को जब्त कर लिया। बरामद लकड़ी को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है। वन विभाग अब इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई कर रहा है और पता लगा रहा है कि ये लकड़ी किसने और कब काटकर यहां छिपाई थी। बताया जा रहा है कि सरकारी आवास लंबे समय से खाली पड़ा था और इसी का फायदा उठाकर तस्करों ने उसे लकड़ी छिपाने का ठिकाना बना लिया था।

कर्मचारी की मिलीभगत की भी जांच

पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इसमें स्वास्थ्य विभाग के किसी कर्मचारी की मिलीभगत तो नहीं है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी राजेश सातनकर के नेतृत्व में उपनिरीक्षक रामप्रकाश कीर, सहायक उप निरीक्षक बलीराम बम्हनेले और आरक्षक नारायण जाट की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसपी ने लोगों से की अपील

वहीं पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने लोगों से अपील की है कि जंगल की लकड़ी के अवैध कटान, परिवहन या भंडारण की जानकारी तुरंत पुलिस या वन विभाग को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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