राम मंदिर परिसर की बढ़ेगी सुरक्षा, 25 निगरानी मीनारों और 4 किमी लंबी दीवार का होगा निर्माण
अयोध्या (उत्तर प्रदेश)। श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक रविवार को संपन्न हुई। पत्रकारों से बातचीत में निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि एक संरक्षण प्रयोगशाला का उद्घाटन किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रयोगशाला का मुख्य उद्देश्य प्रदर्शन के लिए रखी गई विभिन्न कलाकृतियों का संरक्षण और जीर्णोद्धार करना है जिन्हें समय के साथ पुनर्जीवन की आवश्यकता हो सकती है। इन कलाकृतियों में वस्त्र चित्रकला, कलाकृतियाँ और उत्खनन के दौरान प्राप्त पत्थर शामिल हैं।
इंदिरा गांधी कला केंद्र के सहयोग से शुरू हुई पहल
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि यह संरक्षण प्रयोगशाला दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सहयोग से स्थापित की गई है, जिसके प्रमुख राम बहादुर राय हैं। संस्थान के दो अनुभवी कर्मचारियों को यहाँ नियुक्त किया गया है और वे वर्तमान में प्रयोगशाला में कार्यरत हैं। वे अगले तीन वर्षों में मंदिर के कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे। मिश्रा ने आगे बताया कि हनुमान जी गैलरी 30 मई तक पूरी हो जाएगी। चंपत राय से श्रद्धालुओं को संग्रहालय में प्रवेश देने के संबंध में भी चर्चा हुई लेकिन यह महसूस किया गया कि इससे चल रहे काम में बाधा आ सकती है।
दिसंबर के बाद श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा संग्रहालय
संग्रहालय श्रद्धालुओं के लिए दिसंबर के बाद ही खुलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि अगला ध्वजारोहण समारोह 29 मई को होगा। सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर परिसर के चारों ओर चार किलोमीटर लंबी चारदीवारी का निर्माण किया जाएगा, साथ ही 25 निगरानी मीनारें भी बनाई जाएंगी।
7D और AI तकनीक से दिखेगी भगवान राम की गाथा
परंपरा और नवाचार के बीच सामंजस्य स्थापित करने के उद्देश्य से एक नया संग्रहालय भगवान राम की गाथा को बताने के लिए 7D तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करेगा। उनके बचपन से लेकर रामायण के महाकाव्य युद्धों तक, प्रमुख घटनाओं को होलोग्राम का उपयोग करके जीवंत रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। इसके इसके अलावे 'संकट मोचन विथिका' (संकटों को दूर करने वाले की गैलरी) के भीतर भगवान हनुमान की वीरता को समर्पित एक विशेष 7D 'हनुमान गैलरी' का निर्माण किया जा रहा है।
हनुमान गैलरी में दिखेंगे वीरता के अद्भुत दृश्य
यह गैलरी 7D प्रभावों से युक्त 20 मिनट की फिल्म के माध्यम से भगवान हनुमान के वीरतापूर्ण कारनामों को प्रदर्शित करेगी। IIT मद्रास (चेन्नई) के विशेषज्ञ और फ्रांस की एक तकनीकी टीम इस परियोजना के लिए तकनीक और पटकथा लेखन पर सहयोग कर रही है। इस संग्रहालय में कुल 20 गैलरी होंगी, जिनमें भगवान राम के जीवन के महत्वपूर्ण चरणों को दर्शाया जाएगा—जैसे उनका जन्म, शिक्षा, वनवास और लंका विजय। राम मंदिर स्थल की खुदाई के दौरान प्राप्त 100 से अधिक प्राचीन कलाकृतियाँ और मूर्तियाँ, साथ ही 500 वर्ष पुराने मंदिर आंदोलन से संबंधित दस्तावेज भी प्रदर्शित किए जाएंगे। (एएनआई)
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