डिंडोरी में गार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर तीन युवाओं से लिए गए 27-27 हजार रुपये
डिंडोरी: जिले में रोजगार की तलाश कर रहे ग्रामीण युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर कथित तौर पर पैसे लेने का मामला सामने आया है। डिंडोरी कोतवाली में पवन परस्ते, मनीष मार्को और स्नेह मार्को ने शिकायत देकर आईडीबीआई बैंक एटीएम में पदस्थ गार्ड श्याम सुंदर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
रकम लेने के बाद जल्द नौकरी लगवाने का दिया गया भरोसा
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, जनवरी 2026 में अमरकंटक यूनिवर्सिटी में गार्ड की नौकरी लगवाने के नाम पर श्याम सुंदर ने प्रत्येक व्यक्ति से 27-27 हजार रुपये लिए थे। युवकों का आरोप है कि रकम लेने के बाद उन्हें जल्द नौकरी लगवाने का भरोसा दिया गया, लेकिन करीब आठ महीने बीत जाने के बावजूद न तो नौकरी लगी और न ही उनकी रकम वापस की गई।
पैसे मांगने पर आरोपी हर बार करता रहा टालमटोल
पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने श्याम सुंदर से अपने पैसे वापस मांगे तो हर बार टालमटोल की गई। उन्हें यह कहकर आश्वासन दिया जाता रहा कि जल्द ही नौकरी लग जाएगी। लगातार मिल रहे आश्वासनों के बाद आखिरकार शिकायतकर्ता डिंडोरी कोतवाली पहुंचे और पुलिस के समक्ष अपनी आपबीती बताते हुए रकम वापस दिलाने और मामले में कार्रवाई की मांग की।
आरोपी ने पैसे वापस करने की कही बात
वहीं, शिकायत में लगाए गए आरोपों के संबंध में श्याम सुंदर ने पैसे लेने की बात स्वीकार करते हुए कथित तौर पर जल्द रकम वापस करने की बात कही है। हालांकि, वह किस एजेंसी के लिए काम करता है और नौकरी लगाने के नाम पर रकम लेने का अधिकार उसे किसने दिया था, यह सवाल अभी भी सामने है।
बाहुल्य जिला है डिंडोरी आदिवासी
डिंडोरी आदिवासी बाहुल्य जिला है, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित रोजगार के सीमित अवसरों के चलते युवा नौकरी की तलाश में रहते हैं। ऐसे में नौकरी दिलाने के नाम पर पैसों का लेन-देन युवाओं को आर्थिक नुकसान की ओर धकेल सकता है। अब मामला पुलिस तक पहुंच चुका है। ऐसे में देखना होगा कि पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच किस दिशा में आगे बढ़ाती है और पीड़ितों की मेहनत की कमाई उन्हें कब तक वापस मिल पाती है।
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