दिल्ली में मुठभेड़ के बाद हिमांशु भाऊ गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार, प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड से कनेक्शन
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में पुलिस और हिमांशु भाऊ गैंग के कथित गुर्गों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई नरेला इलाके में एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या के सिलसिले में की गई है।
पुलिस की कार्रवाई और एनकाउंटर का विवरण
रोहिणी के डीसीपी शशांक जायसवाल ने बताया कि पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि 50,000 रुपये के इनामी दो वांछित आरोपी इलाके से किसी नई आपराधिक वारदात को अंजाम देने के इरादे से गुजरने वाले हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके में जाल बिछाया। जब आरोपियों को रोका गया और आत्मसमर्पण के लिए कहा गया, तो उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। बचाव में पुलिस को भी जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।
आरोपियों ने 11 से 12 राउंड गोलियां चलाईं
मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीसीपी शशांक जायसवाल ने मुठभेड़ का विस्तृत ब्योरा दिया। उन्होंने कहा, "हमें सूचना मिली थी कि 50,000 रुपये के इनाम वाले दोनों वांछित व्यक्ति किसी वारदात को अंजाम देने के लिए इलाके से गुजर रहे हैं। हमने जाल बिछाया और उन्हें ललकारा। उन्होंने हम पर फायरिंग कर दी और हमने जवाबी फायरिंग की। उन्होंने करीब 11 से 12 राउंड फायरिंग की, जबकि हमने छह राउंड गोलियां चलाईं।"
जवाबी कार्रवाई में आरोपियों को गोली लगी है। डीसीपी ने आगे बताया, "उन्हें गोली लगी है, हमारे इंस्पेक्टर और उनकी टीम ने तीनों व्यक्तियों को पकड़ लिया है। इनमें से एक नाबालिग है, जबकि अन्य दो की पहचान दीपक और नीतिक के रूप में हुई है। मामले की जांच जारी है।" पुलिस के मुताबिक, इन तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी नरेला में प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद की हत्या के मामले में की गई है।
क्या था नरेला हत्याकांड?
- घटना का समय: 3 सितंबर, सुबह करीब 7 बजे।
- घटनास्थल: नरेला स्थित एक जिम के बाहर।
- विवरण: अज्ञात हमलावरों ने जिम के बाहर प्रमोद की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मोटरसाइकिल सवार दो हमलावर मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने लगभग 16 राउंड गोलियां चलाई थीं। इस दौरान कई गोलियां प्रमोद को लगीं, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद पुलिस टीमों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी थी।
हत्या का कारण: रंगदारी या पुरानी रंजिश?
पुलिस हत्या से जुड़ी परिस्थितियों की गहनता से जांच कर रही है। शुरुआती जांच और पुलिस के अंदेशे के मुताबिक, इस हत्याकांड के तार रंगदारी (Extortion) मांगने या किसी पुरानी दुश्मनी व आपसी रंजिश से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस इस अहम बिंदु पर भी तफ्तीश कर रही है कि क्या प्रमोद को हत्या से पहले कोई धमकी मिली थी। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच जारी है। (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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