उज्जैन जिले के बड़नगर तहसील के झालरिया गांव में गु

बोरवेल में गिरे 3 साल के मासूम की मौत, 23 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

3-Year-Old Dies After 23-Hour Borewell Rescue

उज्जैन (एमपी)। जिले के बड़नगर तहसील के झालरिया गांव में गुरुवार रात से चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन एक दुखद अंत के साथ समाप्त हुआ। करीब 23 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद, 60-70 फीट गहरे बोरवेल में फंसे 3 साल के मासूम भागीरथ को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। भागीरथ (3), राजस्थान के पाली जिले से आए एक चरवाहा परिवार का बेटा था।

सूचना पर NDRF और SDRF की टीम मौके पर पहुंची

बताया जा रहा है कि एक भेड़ ने बोरवेल के ऊपर रखे पत्थर को हटा दिया था। उत्सुकतावश भागीरथ ने अंदर झांकने की कोशिश की और उसका संतुलन बिगड़ गया, जिससे वह सीधे शाफ्ट में जा गिरा। उसकी मां ने उसे गिरते हुए देखा, लेकिन जब तक वह पास पहुँचती, बच्चा गहराई में समा चुका था। प्रशासन को सूचना मिलते ही NDRF और SDRF की टीमें मौके पर पहुँच गईं। रेस्क्यू के दौरान कई बड़ी चुनौतियां सामने आईं।इलाके की जमीन पथरीली होने के कारण समानांतर (parallel) गड्ढा खोदने में काफी समय लगा। बच्चा करीब 70 फीट की गहराई पर फंसा हुआ था।

टीम भागीरथ तक पहुंची पर टूट गई थी सांस

पाइप के जरिए मासूम तक ऑक्सीजन पहुँचाई जा रही थी और कैमरों से उसकी निगरानी की जा रही थी।लगभग आधा दर्जन जेसीबी (JCB) और पोकलेन मशीनों की मदद से रात-दिन खुदाई की गई। शुक्रवार शाम करीब 7 बजे जब रेस्क्यू टीम भागीरथ तक पहुँची, तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह घटना एक बार फिर खुले बोरवेलों की लापरवाही की ओर इशारा करती है, जिसने एक और मासूम की जान ले ली। प्रशासन ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं।

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