सूरजपुर के बतरा बांध में नाव पलटने से हुए हादसे मे

सूरजपुर में 30 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, बतरा बांध से बरामद हुए तीसरे युवक का भी शव

30-hour rescue operation ends in Surajpur, body of third youth recovered from Batra Dam

सूरजपुर (छत्तीसगढ़)। करंजी चौकी क्षेत्र के बतरा बांध में हुआ नाव हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि तीन परिवारों के लिए ऐसा जख्म बन गया है, जिसे शायद कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। करीब 30 घंटे तक चली रेस्क्यू अभियान के बीच आखिरकार वह दर्दनाक खबर सामने आई, जिसका डर हर किसी के मन में था। बांध के गहरे पानी ने तीन ग्रामीणों को अपने आगोश में समा लिया और बुधवार को उनके शव बरामद होने के साथ ही उम्मीदों का अंतिम दीप भी बुझ गया।

अचानक नाव असंतुलित हो कर पलटी

जानकारी के अनुसार, प्रतिबंध के बावजूद कुछ ग्रामीण सोमवार देर रात करीब 2 बजे बतरा बांध में मछली पकड़ने पहुंचे थे। नाव में कुल नौ लोग सवार थे। रात का सन्नाटा, बांध का गहरा पानी और मछली पकड़ने की कोशिश के बीच अचानक नाव असंतुलित हो गई और देखते ही देखते पलट गई। हादसे के बाद बांध में चीख-पुकार मच गई। छह ग्रामीणों ने किसी तरह हिम्मत जुटाकर तैरते हुए अपनी जान बचा ली, लेकिन तीन ग्रामीण गहरे पानी में समा गए। अंधेरा और पानी की गहराई उनके लिए काल बन गई।

दो शव बरामद, तीसरे ग्रामीण की तलाश जारी

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। DDRF की टीम, स्थानीय गोताखोरों और प्रशासनिक अमले ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। लगातार बारिश और खराब मौसम ने अभियान को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया। इसके बावजूद बचाव दल ने हार नहीं मानी। दिन-रात चले सर्च ऑपरेशन में मंगलवार को दो शव बरामद किए गए। इसके बाद तीसरे ग्रामीण की तलाश जारी रही है। 

बांध क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की मांग

खिरकार बुधवार को तीसरा शव भी पानी से बाहर निकाल लिया गया और इसी के साथ 30 घंटे से चल रही तलाश समाप्त हो गई। प्रशासन ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपने की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं ग्रामीणों ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बांध क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की मांग की है।  

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