महाराष्ट्र के नंदुरबार में भोजन के बाद हॉस्टल के 4

समाज कल्याण विभाग के हॉस्टल का खाना खाने से 40 स्टूडेंट बीमार, 25 अस्पताल में भर्ती

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नंदुरबार: महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में समाज कल्याण विभाग के एक हॉस्टल में खाना खाने के बाद 40 स्टूडेंट्स बीमार पड़ गए, जिनमें से 25 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिला मजिस्ट्रेट मिताली सेठी ने बताया कि सभी प्रभावित बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर है। सेठी ने शनिवार को शाहदा स्थित अस्पताल का दौरा कर छात्रों की स्थिति का जायजा लिया और बताया कि बच्चों में फूड पॉइजनिंग और गैस्ट्राइटिस का मिश्रण पाया गया है।

मजिस्ट्रेट मिताली सेठी ने जानकारी देते हुए बताया...

मजिस्ट्रेट मिताली सेठी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया, कि शाहदा में स्थित समाज कल्याण हॉस्टल के 40 बच्चों में फूड पॉइजनिंग और गैस्ट्राइटिस का मिश्रण पाया गया है। इनमें से 25 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, 20 बच्चे शाहदा के ग्रामीण अस्पताल में भर्ती हैं जबकि 5 बच्चों को ऑक्सीजन और बीपी संबंधी समस्याएं हैं, इसलिए उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है। सभी 25 बच्चों की हालत इस समय स्थिर है। उन्होंने कहा कि मैं डॉक्टर से नियमित रूप से जानकारी ले रही हूं।

जांच के लिए भेजे गए भोजन और उल्टी के सैंपल 

उन्होंने कहा कि ग्रामीण अस्पताल में भर्ती ज्यादातर छात्रों की हालत स्थिर हो गई है। निगरानी के बाद उन्हें छुट्टी दिए जाने की संभावना है। अभिभावकों के रहने और खाने की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही कहा, कि बीमारी के कारण का पता लगाने के लिए भोजन और उल्टी के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। प्रयोगशाला के नतीजों के आधार पर हम जवाबदेही तय कर सकते हैं।

जिला प्रशासन अगले दो महीनों में हॉस्टल के कामकाज की करेगा समीक्षा

उन्होंने कहा कि जांच के बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हम प्रधानाध्यापक, समाज कल्याण अधिकारी और वार्डन की जवाबदेही तय करने पर भी काम कर रहे हैं। पुलिस टीम भी यहां मौजूद है और हम अभिभावकों की चिंताओं को दूर करने के लिए पुलिस स्टेशन के साथ समन्वय कर रहे हैं। उन्होंने कहा, कि जिला प्रशासन अगले दो महीनों में हॉस्टल के कामकाज की समीक्षा करेगा और सुविधाओं को मजबूत करेगा।

हॉस्टल जाकर सभी मुद्दों का गहनता से किया जाएगा समाधान

सेठी ने आगे कहा, अगले दो महीनों में हम हॉस्टल जाकर सभी मुद्दों का गहनता से समाधान करेंगे। हम जिला निधि से अतिरिक्त धनराशि भी आवंटित करेंगे और अभिभावकों के साथ मिलकर सभी कमियों का पता लगाएंगे। इस व्यवस्था के पूरी तरह लागू होने तक मैं स्वयं हर 15 दिन में इसकी समीक्षा करूंगी। घटना की आगे की जांच जारी है और अधिकारी प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्ट्स का इंतजार कर रहे हैं। 

(एएनआई)  

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