स्नैपडील पर मानकविहीन खिलौना बेचने पर पांच लाख रुपये का जुर्माना
नई दिल्ली। ई-कॉमर्स प्लेटफार्म "स्नैपडील" पर ऐसे खिलौनों की बिक्री का आरोप लगा है जिन पर आवश्यक बीआईएस प्रमाणन नहीं था।इस मामले में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने ई-कॉमर्स प्लेटफार्म "स्नैपडील" (ऐस वेक्टर लिमिटेड) पर अनुचित व्यापार तौर-तरीकों और भ्रामक विज्ञापनों का दोषी पाये जाने के कारण 5 पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सीसीपीए ने अनिवार्य खिलौना (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश, 2020 और भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के निर्धारित मानकों का उल्लंघन करते हुए खिलौने बेचने वाले ई-कॉमर्स संस्थाओं और विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। मालूम हो कि देश में खिलौनों, खासकर बच्चों के खिलौनों के लिए भारतीय कानून के तहत उत्पाद सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बीआईएस प्रमाणन अनिवार्य है। "स्नैपडील" ने उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन करते हुए अपने प्लेटफॉर्म पर बीआईएस मानकों के अनुरूप न होने वाले खिलौनों की बिक्री को बढ़ावा दिया था।
बीआईएस उल्लंघन पर कड़ा आदेश
मुख्य आयुक्त श्रीमती निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्र के नेतृत्व में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने अनिवार्य बीआईएस मानकों के अनुरूप न होने वाले खिलौनों की बिक्री के लिए स्नैपडील (ऐस वेक्टर लिमिटेड) के खिलाफ अंतिम आदेश जारी किया है। सीसीपीए ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया और पता लगाया कि स्नैपडील पर खिलौने , खिलौने गुणवत्ता नियंत्रण आदेश, 2020 का उल्लंघन करते हुए बेचे जा रहे थे जो 1 जनवरी, 2021 से अनिवार्य हो गया था। सीसीपीए की विस्तृत जांच में कई गंभीर खामियां सामने आईं हैं। गुणवत्ता नियंत्रण आदेश लागू होने के बाद भी "स्नैपडील" के प्लेटफार्म पर नियमों का उल्लंघन करने वाले खिलौने दिसंबर 2025 तक भी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहे। स्नैपडील ने केवल दो पहचाने गए विक्रेताओं - स्टैलियन ट्रेडिंग कंपनी और थ्रिफ्टकार्ट - के माध्यम से इन गैर-अनुरूप खिलौनों की बिक्री से 41,032 रूपये की फीस अर्जित की। इसके अलावा कई सूचियों में निर्माता का नाम, पता और अनिवार्य बीआईएस प्रमाणन संख्या जैसी आवश्यक जानकारी का अभाव था।इसके अलावा प्लेटफ़ॉर्म ने स्वतंत्र सत्यापन के बिना पूरी तरह से विक्रेताओं की स्व-घोषणाओं पर भरोसा किया, इसे सीसीपीए ने खतरनाक उत्पादों की सूची को रोकने के लिए "अपर्याप्त" माना।
सीसीपीए ने स्नैपडील को पालन आदेश
सीसीपीए ने अपने आदेश में, स्नैपडील को जुर्माना अदा करने और भविष्य में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। प्राधिकरण ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों की इस जिम्मेदारी पर भी जोर दिया कि वे अपने मार्केटप्लेस पर विक्रेताओं की निगरानी करें और असुरक्षित या गैर-मानक वस्तुओं की बिक्री को रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाएं। "स्नैपडील" ने अपना बचाव करते हुए कहा कि यह एक शॉपिंग मॉल की तरह "मार्केटप्लेस ई-कॉमर्स इकाई" के रूप में कार्य करता है। सीसीपीए ने इस तुलना को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि स्नैपडील निम्नलिखित तरीकों से लेन-देन पर "पर्याप्त नियंत्रण" रखता है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने ई-कॉमर्स संस्थाओं और विक्रेताओं जैसे अमेज़ॅन, फ्लिपकार्ट और स्नैपडील, स्टैलियन ट्रेडिंग कंपनी, इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार स्टोर आदि को केंद्र सरकार द्वारा अनिवार्य उपयोग के लिए निर्देशित क्यूसीओ और बीआईएस मानकों का उल्लंघन करते हुए खिलौनों की बिक्री के लिए नोटिस जारी किए थे।
यह भी पढ़े: बीएचयू में 17-19 फरवरी बौद्ध सम्मेलन
https://www.primenewsnetwork.in/india/international-buddhist-conference-at-bhu/144004