डिंडोरी जिले के समनापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंच

ग्राम पंचायत सरई में गहराया पेयजल संकट, 54 परिवार दूषित पानी पीने को मजबूर

54 Families Forced to Drink Contaminated Water Amid Severe Summer

डिंडोरी (मध्यप्रदेश)। डिंडोरी जिले के समनापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सरई के हरिजन टोला और यादव मोहल्ला में पेयजल संकट गंभीर रूप ले चुका है। भीषण गर्मी के बीच लगभग 54 परिवारों के सामने पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि न तो उनके मोहल्ले में पर्याप्त हैंडपंप हैं और न ही जल जीवन मिशन के तहत नल-जल सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मजबूरी में लोग झिरिया के दूषित पानी का उपयोग पीने और घरेलू कार्यों के लिए कर रहे हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

सालों पुरानी समस्या पर भी जिम्मेदार मौन

ग्रामीणों के अनुसार जल संकट की समस्या वर्षों पुरानी है, लेकिन आज तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। ग्रामवासियों का आरोप है कि हरिजन मोहल्ला और यादव टोला में प्रस्तावित बोर खनन को पंचायत ने दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करवा दिया। पंचायत का तर्क था कि स्वीकृत स्थल तक मशीन नहीं पहुंच सकती, जबकि ग्रामीण इसे पंचायत की लापरवाही और मनमानी बता रहे हैं।

शिकायतों के बावजूद नहीं मिली राहत

ग्रामीणों ने बताया कि समस्या को लेकर ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और जिला मुख्यालय तक कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक राहत नहीं मिली है। वहीं पंचायत सचिव का कहना है कि पंचायत के पास टैंकर के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने का कोई प्रावधान नहीं है। जल जीवन मिशन के दौर में भी ग्रामीणों का दूषित जल पर निर्भर होना कई सवाल खड़े करता है। अब प्रभावित परिवार प्रशासन से तत्काल पेयजल व्यवस्था और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि आए दिन पानी को लेकर विवादित स्थितियां बन रही है जो कभी गंभीर घटना की मुख्य वजह बन सकती है।

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