हरियाणा के पंचकूला में सरकारी स्कूल के अंदर छह साल

पंचकूला स्कूल में 6 साल की बच्ची से मारपीट, दो JBT टीचर सस्पेंड, स्कूल प्रबंधन पर FIR

पंचकूला स्कूल में 6 साल की बच्ची से मारपीट

पंचकूला: हरियाणा के एजुकेशन डिपार्टमेंट ने पंचकूला के एक सरकारी स्कूल में छह साल की बच्ची पर कथित हमले के मामले में दो जूनियर बेसिक ट्रेनिंग (JBT) टीचरों को तुरंत सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंड किए गए टीचरों की पहचान सिमरनजीत कौर और पूजा रानी के तौर पर हुई है। इस बीच हरियाणा स्टेट कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (HSCPCR) ने स्कूल कैंपस के अंदर तीसरी क्लास के एक स्टूडेंट द्वारा किंडरगार्टन की एक लड़की पर कथित हमले की घटना का खुद से संज्ञान लिया है। कमीशन ने डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर, पंचकूला को इस मामले में एजुकेशन डिपार्टमेंट द्वारा की गई कार्रवाई की डिटेल देते हुए एक पूरी, पॉइंट-वाइज फैक्ट्स वाली रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है।

पंचकूला स्कूल में 6 साल की बच्ची से मारपीट का आरोप

यह घटना तब सामने आई जब पंचकूला के एक सरकारी स्कूल में तीसरी क्लास के एक स्टूडेंट ने छह साल की एक बच्ची पर कथित तौर पर हमला किया। परिवार ने स्कूल के सिक्योरिटी इंतज़ाम पर सवाल उठाए, यह दावा करते हुए कि आरोपी तीसरी क्लास का स्टूडेंट खुद उन्हें घायल, बेहोश बच्ची के पास ले गया और पूछा कि प्रिंसिपल के ऑफिस से CCTV कैमरों की मॉनिटरिंग के बावजूद किसी ने कथित हमले पर ध्यान क्यों नहीं दिया। परिवार ने आरोप लगाया कि तीसरी क्लास का एक स्टूडेंट लड़की को उसके पिता के बुलाने के बहाने पहली मंज़िल पर ले गया और वहीं उसके साथ बुरी तरह मारपीट की गई। उन्होंने स्कूल के CCTV सर्विलांस को लेकर भी चिंता जताई है। 

बच्ची पर पत्थर और गमले से हमले का आरोप

परिवार ने आरोप लगाया कि जिस तीसरी क्लास के स्टूडेंट पर लड़की पर हमला करने का आरोप है, वही उन्हें उसके पास ले गया, जहां वह स्कूल कैंपस के अंदर घायल और बेहोश पड़ी थी। इसके अलावा परिवार ने आरोप लगाया कि लड़की पर पहले पत्थर से हमला किया गया और बाद में उस पर गमले से हमला किया गया। यह भी आरोप है कि लड़की को काफी दूर तक घसीटा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई और बेहोश हो गई। इससे पहले डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस अदिति सिंह ने कहा कि स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ कथित लापरवाही के लिए FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने कहा कि जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन) एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के संबंधित नियमों के तहत मामला दर्ज किया गया है। 

(इनपुट: ANI)