जिला अस्पताल का निर्माण कार्य पिछले सात वर्षों से

सात साल से अधूरा इंदौर जिला अस्पताल, निजी इलाज की मार झेल रही जनता

District Hospital

इंदौर। जिला अस्पताल का निर्माण कार्य पिछले सात वर्षों से अधूरा पड़ा है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी पश्चिम क्षेत्र की जनता को हो रही है। हालात ऐसे हैं कि छोटे-मोटे इलाज के लिए भी लोगों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जहां इलाज महंगा है।

जिला अस्पताल पर निर्भर हैं 20 से अधिक गांवों के मरीज

जिला अस्पताल पर परदुरानी नगर, चंदन नगर, सिरपुर,बांक,द्वारकापुरी, जैसी दर्जनों बस्तियों की आबादी निर्भर है। सिर्फ शहरी नहीं, बल्कि आसपास के 20 से अधिक गांवों के मरीज भी इलाज के लिए यहीं आते हैं। मुख्य सवाल जब निजी क्षेत्र में एक साल के भीतर हाईटेक अस्पताल तैयार हो जाते हैं, तो सरकारी जिला अस्पताल 7 साल में भी पूरा क्यों नहीं हो सका?

जनता की परेशानी

सरकारी इलाज की सुविधा नहीं, निजी अस्पतालों में महंगा इलाज, गरीब और मध्यम वर्ग पर आर्थिक बोझ,मरीजों को दूर-दराज के अस्पतालों में भटकना पड़ रहा है। निर्माण में देरी के लिए जिम्मेदार कौन? बजट और मॉनिटरिंग की कमी? ठेकेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं?

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