बिहार में बाढ़ से 17 जिले, 56 प्रखंड और करीब 7.93

बिहार में बाढ़ का बढ़ा दायरा, 17 जिले और 7.93 लाख लोग प्रभावित

बिहार में बढ़ा बाढ़ का दायरा

औरंगाबाद: बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हाई लेवल समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी जिलाधिकारियों के साथ बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर चर्चा की गई।

राज्य में लगभग 7,93,688 की आबादी बाढ़ से प्रभावित 

समीक्षा में बताया गया कि राज्य के 17 जिले, 56 प्रखंड, 199 पंचायत और 456 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। लगभग 7,93,688 की आबादी प्रभावित है और 1,71,688 परिवार इसकी चपेट में हैं। अब तक 1,553 लोगों का सुरक्षित निष्क्रमण कराया जा चुका है। राहत कार्यों के तहत राज्य में 55 चिकित्सा शिविर, 35 पशु चिकित्सा शिविर और 7 बाढ़ राहत शिविर चलाए जा रहे हैं। 03 सितंबर तक सामुदायिक रसोई के माध्यम से 67,140 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया है।

बैठक में ये लोग हुए शामिल

औरंगाबाद से इस बैठक में जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, अपर समाहर्ता आपदा उपेंद्र पंडित, सदर डीसीएलआर श्वेतांक लाल, सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार और जिला आपदा प्रभारी अंतरा कुमारी सहित अन्य अधिकारी एनआईसी सभा कक्ष से जुड़े। बैठक में बताया गया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को अनुग्रह राहत के रूप में साल 2023 से प्रति परिवार 7,000 रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में दी जा रही है। 

NDRF/SDRF की एक टीम की गई तैनात 

जिलाधिकारी के निर्देश पर औरंगाबाद जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी कर ली है। जिले में 12 नावें, 2,359 पॉलीथीन शीट उपलब्ध हैं, NDRF/SDRF की एक टीम भी तैनात है। सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जलस्तर व मौसम पर लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। 

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