बलरामपुर में जंगली मशरूम खाने से 8 लोग फूड पॉइजनिंग के शिकार, दो बच्चे भी शामिल
बलरामपुर (छत्तीसगढ़)। जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम स्याही में जंगली मशरूम (फूटू/खुखड़ी) खाने से एक ही गांव के 8 लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। बीमारों में दो बच्चे भी शामिल हैं। सभी की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल वाड्रफनगर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।
उल्टी और पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती
जानकारी के अनुसार, जंगली मशरूम खाने के कुछ समय बाद सभी लोगों को उल्टी, पेट दर्द, चक्कर और बेचैनी की शिकायत होने लगी। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने सभी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। समय पर उपचार मिलने से सभी की स्थिति में सुधार बताया जा रहा है।
डॉक्टरों की अपील और चेतावनी
वाड्रफनगर के बीएमओ डॉ. हेमंत दीक्षित ने बताया कि सभी मरीजों की हालत फिलहाल सामान्य है और अस्पताल में उनका उपचार जारी है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जंगलों में मिलने वाली फूटू (खुखड़ी) या अन्य जंगली मशरूम की सही पहचान करना आसान नहीं होता। कई प्रजातियां जहरीली होती हैं, जिनके सेवन से गंभीर फूड पॉइजनिंग, शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान या जान का खतरा भी हो सकता है।
सुरक्षित सेवन को लेकर सलाह
बीएमओ ने लोगों से आग्रह किया कि बिना विशेषज्ञ पहचान के किसी भी प्रकार के जंगली मशरूम या अन्य वन उपज का सेवन न करें। यदि सेवन के बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर या अन्य लक्षण दिखाई दें तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचकर उपचार कराएं।
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