नरसिंहपुर के गोटेगांव में 8 वर्षीय छात्रा के अपहरण

नरसिंहपुर में 8 वर्षीय छात्रा हत्याकांड के बाद स्कूल शिक्षक निलंबित, प्रधानपाठक और कक्षा शिक्षक को नोटिस

8-Year-Old Girl Murder Case: Teacher Suspended Over Lapse in School Security

नरसिंहपुर (मध्यप्रदेश)। जिले के गोटेगांव थानांतर्गत क्षेत्र में बीते 5 अगस्त को कक्षा तीससी में अध्ययनरत 8 वर्षीय मासूम छात्रा का आरोपी अन्नू उर्फ अनिल यादव के द्वारा अपहरण, दुष्कर्म करने के बाद निर्ममतापूर्वक हत्या कर दी गई थी। जिसे पुलिस ने चंद घंटे में ही गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि कार्रवाई का दायरा सिर्फ पुलिस तक ही सीमित नहीं रहा।

शिक्षक रईस खान को किया तत्काल प्रभाव से निलंबित

इसकी गाज अब छात्रा जिस स्कूल में पढ़ती थी, वहां पर भी गिरना शुरू हो गई है। कलेक्टर के निर्देश पर गोटेगांव के विकासखंड शिक्षा अधिकारी सिद्धांत बागड़े द्वारा की गई जांच में शिक्षक रईस खान की प्राथमिक लापरवाही सामने आई है। उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जबकि प्रधान पाठक और कक्षा शिक्षक को भी शोकॉज नोटिस जारी किए गए हैं । 

छात्रा को विद्यालय से बहला कर ले गया था आरोपी 

सरकारी स्कूल में अध्यानरत आठ साल की मासूम छात्रा के साथ जिस अनिल यादव नाम के दरिंदे ने इस नृशंस वारदात को अंजाम दिया था, वह उसे स्कूल से ये कहकर ले गया था कि उसके पापा घर बुला रहे है। अधिकारियों ने माना कि बाहरी व्यक्ति जब छात्रा को बहला- फुसलाकर ले जा रहा था, तब शिक्षकों की ये जिम्मेदारी थी कि वे छात्रा को लेने आए व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित करते या फिर छात्रा के साथ किसी जिम्मेदार को घर भेजते। 

शिक्षक रईस खान का वक्तव्य सोशल मीडिया पर वायरल

आपको बता दें, कि मासूम के लापता होने के बाद स्कूल के शिक्षक रईस खान का सबसे पहले वक्तव्य सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने कहा था कि कोई व्यक्ति लंच के समय छात्रा को लेने आया था। छात्रा अपना स्कूल बैग कक्षा में छोड़कर चली गई थी। प्रशासनिक जांच में इस कृत्य को लापरवाही का सूचक माना गया है। जिसके चलते शिक्षक रईस खान को निलंबित कर दिया गया।

प्रधानपाठक कोसा ठाकुर और कक्षाध्यापक प्रकाश यादव को शोकॉज नोटिस

विकासखंड शिक्षा अधिकारी सिद्धांत बागड़े ने बताया कि शाला की प्रधानपाठक कोसा ठाकुर और कक्षा शिक्षक प्रकाश यादव को विभाग द्वारा शोकॉज नोटिस थमाया गया है। क्योंकि शाला और कक्षाओं में अध्ययनरत बच्चों की सुरक्षा संबंधी जबाबदेही इनकी भी थी। छात्रा किसके साथ स्कूल से बाहर गई, क्या वे जानते थे, यह सब भी देखना इन्हीं का उत्तरदावित्य था। अधिकारी के अनुसार यदि प्रधानपाठक तीन दिन के अंदर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाते हैं तो इनके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई विभाग द्वारा की जाएगी। 

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