सुपौल के डायट बसहा में आयोजित सेवा कालीन प्रशिक्षण

सुपौल में 98 शिक्षक प्रशिक्षण से रहे गैरहाजिर, तीन दिन में मांगा जवाब

सुपौल में 98 शिक्षक प्रशिक्षण से रहे गैरहाजिर

सुपौल: शिक्षकों के लिए आयोजित सेवा कालीन प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहना अब महंगा पड़ सकता है। डायट बसहा में आयोजित प्रशिक्षण से 98 शिक्षकों के गायब रहने का मामला सामने आया है। अनुपस्थित शिक्षकों से शिक्षा विभाग ने तीन दिन के भीतर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण मांगा है। संतोषजनक जवाब नहीं देने की स्थिति में प्रशिक्षण अवधि के लिए प्रावधानित राशि की कटौती संबंधित शिक्षकों के वेतन मद से की जाएगी। 

प्रशिक्षण से गैरहाजिर शिक्षकों पर विभाग ने जताई जवाबदेही

विभाग ने स्पष्ट किया है कि इसकी जिम्मेदारी संबंधित शिक्षक की स्वयं होगी। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्राथमिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान ने सूची में शामिल शिक्षकों को इस संबंध में निर्देश जारी किया है। यह कार्रवाई प्रभारी प्राचार्य, डायट बसहा के पत्रांक 248 दिनांक 23 सितंबर और के आधार पर की गई है। निर्देश के आलोक में कक्षा तीन से पांच के शिक्षकों के लिए 21 से 26 सितंबर और 28 सितंबर से एक अक्टूबर तक सेवा कालीन प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। डायट बसहा के प्रभारी प्राचार्य ने इन प्रशिक्षण सत्रों में क्रमशः 45 और 53 शिक्षकों के अनुपस्थित रहने की सूचना विभाग को दी है। 

तीन दिन में जवाब नहीं देने पर शिक्षकों पर होगी कार्रवाई

इनमें संबंधित सूची के शिक्षकों से अनुपस्थिति का स्पष्ट कारण पूछा गया है। विभाग ने कहा है कि संबंधित शिक्षक तीन दिन के अंदर अनुपस्थिति का कारण स्पष्ट साक्ष्य के साथ उपलब्ध कराएं। साथ ही आवेदन को संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से स्वीकृत और अग्रसारित कराना अनिवार्य होगा। निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण नहीं देने या संतोषजनक साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराने पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। डीपीओ ने अपने निर्देश में साफ किया है कि अनुपस्थिति का उचित कारण और प्रमाण प्रस्तुत नहीं करने वाले शिक्षकों से प्रशिक्षण अवधि के लिए प्रावधानित राशि की कटौती उनके वेतन मद से की जाएगी। 

ये भी पढ़ें- कॉकपिट हमले के दौरान हनुमान चालीसा का जाप कर रहे थे कैप्टन मच्छार, PM मोदी को बताया अपना आदर्श