युवक के पेट से निकला आधा किलो वजनी पथरी
पन्ना। जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और स्वास्थ्य व्यवस्था को आईना दिखाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक के पेट से ऑपरेशन के दौरान करीब 500 ग्राम यानी आधा किलो वजनी पथरी निकाली गई। हैरानी की बात यह रही कि युवक पिछले 18 वर्षों से असहनीय दर्द और संक्रमण की पीड़ा झेल रहा था, लेकिन सही इलाज नहीं मिल पाया।
18 साल तक दर्द में तड़पता रहा युवक
पीड़ित युवक लंबे समय से पेट में तेज दर्द, सूजन, जलन और बार-बार संक्रमण की शिकायत करता रहा। परिजनों के अनुसार, आर्थिक मजबूरी और जागरूकता की कमी के चलते वह योग्य चिकित्सकों तक नहीं पहुंच सका। झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराते रहने के कारण बीमारी जड़ पकड़ती चली गई और पथरी का आकार धीरे-धीरे असामान्य रूप से बढ़ता गया।
हालत बिगड़ी तो पहुंचा अस्पताल
जब युवक की हालत ज्यादा गंभीर हो गई और दर्द असहनीय हो गया, तब परिजन उसे पन्ना के अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच के दौरान डॉक्टर भी पथरी का आकार देखकर हैरान रह गए। अल्ट्रासाउंड और अन्य जांचों में पेट के अंदर बड़ी पथरी होने की पुष्टि हुई।
वरिष्ठ सर्जन ने किया सफल ऑपरेशन
इसके बाद जिले के एक वरिष्ठ सर्जन ने जटिल ऑपरेशन कर युवक के पेट से करीब आधा किलो वजनी पथरी को सफलतापूर्वक निकाल दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, इतनी बड़ी पथरी का मिलना दुर्लभ है और यह लंबे समय तक इलाज न मिलने का परिणाम है।
ऑपरेशन के बाद राहत
सफल सर्जरी के बाद युवक की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि समय पर इलाज मिल जाता तो युवक को 18 साल तक इस पीड़ा से नहीं गुजरना पड़ता। फिलहाल युवक अस्पताल में निगरानी में है और तेजी से स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है।
झोलाछाप इलाज बना खतरा
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक पेट दर्द या पेशाब संबंधी समस्या को नजरअंदाज न करें। झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराना जानलेवा साबित हो सकता है। समय रहते जांच और विशेषज्ञ चिकित्सक से उपचार जरूरी है। यह मामला न सिर्फ चिकित्सा लापरवाही, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता की कमी को भी उजागर करता है।