दिल्ली में चावल वितरण पर AAP का बड़ा आरोप, 22 हजार करोड़ की अनियमितता का दावा
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली में सब्सिडी वाले चावल के वितरण में बड़ी अनियमितता का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि गरीबों और वंचित वर्गों के लिए निर्धारित चावल को कथित तौर पर डायवर्ट करके निजी कंपनियों को बेच दिया गया।
AAP का दावा- गरीबों के राशन में हुई बड़ी गड़बड़ी
रविवार को एएनआई से बात करते हुए भारद्वाज ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार ने असम के एक निगम के साथ मिलकर राजधानी के सबसे गरीब तबके के लोगों को चावल का राशन न देने की योजना बनाई थी, जबकि यह राशन प्रवासी श्रमिकों, बेघर लोगों और दिहाड़ी मजदूरों के लिए था। उन्होंने कहा, "दिल्ली सरकार ने असम के एक निगम के साथ मिलकर दिल्ली के सबसे गरीब लोगों को तीन साल तक मिलने वाले चावल के राशन से वंचित करने की पूरी योजना बनाई। इसमें लगभग 22,000 करोड़ रुपये के चावल की कथित बिक्री शामिल है, जिसमें लगभग 11,000 करोड़ रुपये का कमीशन और दलाली भी शामिल है।"
FCI से सस्ते में चावल खरीदने का दावा
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता ने दावा किया कि एक पत्र के अनुसार, असम की एक कंपनी को भारतीय खाद्य निगम (FCI) से भारी रियायती दर पर चावल खरीदकर दिल्ली में जरूरतमंद लोगों में वितरित करना था। भारद्वाज ने आरोप लगाया, "हालांकि, हजारों टन चावल जो लाया गया था, उसे कथित तौर पर हरियाणा की एक निजी कंपनी को अधिक कीमत पर बेच दिया गया।"
23 रुपये का चावल 46 रुपये में बेचने का आरोप
उन्होंने आगे दावा किया कि केंद्र सरकार के सतर्कता विभाग ने लेन-देन में अनियमितताओं को उजागर किया था। उन्होंने कहा, "23 रुपये प्रति किलो के चावल को कथित तौर पर हरियाणा की एक निजी कंपनी को 46 रुपये प्रति किलो के भाव से बेचा जा रहा था, जिस पर भारी कमीशन वसूला जा रहा था।" भारद्वाज ने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था से सरकारी खजाने को नुकसान हुआ और पात्र लाभार्थियों को उनके हक का राशन नहीं मिल पाया। उन्होंने मामले की विस्तृत जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अधिकारियों की भूमिका पर भी उठाए सवाल
AAP नेता ने कथित सौदे में शामिल अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाया और खरीद-फरोख्त प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की। इस बीच, दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं सौरभ भारद्वाज और संजीव झा को अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को वापस लेने और सार्वजनिक माफी मांगने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। ऐसा न करने पर उन्होंने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। सिरसा ने कहा कि दोनों आम आदमी पार्टी के नेताओं द्वारा लगाए गए आरोप "बेबुनियाद, झूठे, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण" हैं और उनका मकसद उन्हें बदनाम करना है। सिरसा ने X पर एक पोस्ट में कहा, "ऐसा दुर्भावनापूर्ण अभियान उनकी कार्यप्रणाली प्रतीत होती है। लेकिन अब बहुत हो गया।"
‘माफी मांगो या हम अदालत में मिलेंगे’
उन्होंने आगे कहा कि अगर भारद्वाज और झा 24 घंटे के भीतर माफी नहीं मांगते हैं, तो वे दोनों के खिलाफ उचित कानूनी कार्यवाही शुरू करेंगे और उन्हें उनके कथित कृत्यों के लिए जवाबदेह ठहराएंगे। सिरसा ने कहा, "माफी मांगो या हम अदालत में मिलेंगे।"
(एएनआई)
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