दिल्ली विधानसभा में AAP-BJP विधायकों में तीखी झड़प, स्पीकर ने दी कार्रवाई की चेतावनी
नई दिल्ली: शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक कुलदीप कुमार और भाजपा विधायक रवि नेगी के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों विधायक अपनी-अपनी सीटों से उठकर एक-दूसरे से भिड़ गए, जिसके बाद सदन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
विधायकों के व्यवहार पर स्पीकर नाराज
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इस घटना को "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण" बताया और चेतावनी दी कि अगर विधायकों का आपस में टकराव जारी रहा तो कार्रवाई करनी पड़ेगी। प्रश्नकाल के मुद्दे पर भी सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी आम आदमी पार्टी के बीच जुबानी जंग छिड़ गई। प्रश्नकाल न होने पर आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह की टिप्पणी का जवाब देते हुए मंत्री कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल में पांच प्रश्नकाल भी नहीं कराए। मिश्रा ने दिल्ली की विपक्ष नेता आतिशी की गोवा में मौजूदगी की भी आलोचना की और कहा कि विधानसभा से उनकी अनुपस्थिति से कार्यवाही के प्रति उनकी गंभीरता का पता चलता है। मिश्रा ने कहा, "आपकी सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल में पांच प्रश्नकाल भी नहीं कराए। आपकी विपक्ष नेता का गोवा में होना ही आपकी गंभीरता को दर्शाता है। आज दिल्ली की बेटियों के लिए इतना महत्वपूर्ण दिन है, फिर भी विपक्ष नेता सदन से अनुपस्थित हैं।"
भाजपा ने आतिशी की गैरमौजूदगी पर उठाए सवाल
मंत्री परवेश वर्मा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आतिशी गोवा में हैं और मानसून सत्र में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है। इसी बीच, स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने घोषणा की कि दिल्ली विधानसभा का सीधा प्रसारण एआई-सक्षम कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से कार्यवाही को लिखित रूप में दर्ज किया जा सकेगा और इसे एक साथ विभिन्न भाषाओं में सुना जा सकेगा।
AAP विधायक ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल
इसके अलावा, आम आदमी पार्टी के विधायक आले मोहम्मद इकबाल ने विधानसभा में दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, “दिल्ली की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था संकट में है। मैं कल रात एलएनजेपी अस्पताल में था, और वहां वेंटिलेटर बेड मिलने में लगभग ढाई घंटे लग गए। स्टेंट प्रत्यारोपण या ऑर्थोपेडिक रॉड जैसी प्रक्रियाओं की आवश्यकता वाले मरीजों को बाहर से खरीदने के लिए कहा जा रहा है। एलएनजेपी और जीबी पंत अस्पताल में निजी बाउंसर तैनात किए गए हैं, और वे अक्सर मरीजों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। मरीजों को एमआरआई और सीटी स्कैन अपॉइंटमेंट के लिए दो साल तक का इंतजार करना पड़ रहा है। दिल्ली सरकार को एलएनजेपी और जीबी पंत अस्पतालों में वेंटिलेटर और आईसीयू बेड की संख्या बढ़ानी चाहिए।”
खाद्य पदार्थों में मिलावट का मुद्दा उठा
आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह ने सत्र के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट का मुद्दा उठाया और खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री से इस संबंध में सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया। “आजकल खाने-पीने की चीजों और लगभग हर जरूरी सामान में मिलावट बड़े पैमाने पर हो रही है। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित मध्यम वर्ग है। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री को सदन को ऐसे मामलों में की जा रही कार्रवाई, कितने नमूने एकत्र किए गए हैं और उन नमूनों के आधार पर क्या कार्रवाई शुरू की गई है, इसकी जानकारी देनी चाहिए। खाद्य सुरक्षा विभाग ने अभी तक इस समस्या से निपटने के लिए कोई प्रभावी तंत्र स्थापित नहीं किया है। नियमित रूप से नमूने लेने, लगातार जांच सुनिश्चित करने और उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए जिला स्तरीय टीमें गठित की जानी चाहिए। निजी स्कूलों की कैंटीनों में भी बच्चों को जहरीला जंक फूड परोसा जा रहा है। इन कैंटीनों की भी जांच होनी चाहिए,” सिंह ने कहा।
(एएनआई)
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