संसद मार्च विवाद: अभिजीत दिपके ने लगाया 'फंसाने' का आरोप, बोले- विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा
नई दिल्ली: संसद मार्च के दौरान हुई झड़प के बाद CJP कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों को सरकारी प्रतिनिधियों से बातचीत के नाम पर फंसाया गया और इसी दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। उन्होंने यह भी कहा कि विरोध प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा।
'बातचीत के बहाने हमें फंसाया गया'
दिपके ने आरोप लगाया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने CJP के दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया था, लेकिन उसी दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया। उनका दावा है कि प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को कई घंटों तक संपर्क से बाहर रखा गया।
लाठीचार्ज को लेकर सरकार पर साधा निशाना
दिपके ने आरोप लगाया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अन्य विकल्प मौजूद होने के बावजूद पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ अनावश्यक बल प्रयोग किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों और छात्राओं के साथ मारपीट की। दिपके ने इस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की।
'सोनम वांगचुक जारी रखेंगे अनशन'
दिपके ने दावा किया कि सोमवार की घटनाओं के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने का फैसला बदल दिया है और अब वे विरोध जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि सोमवार की कार्रवाई के बावजूद आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। जल्द ही विरोध प्रदर्शन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी।
दिल्ली पुलिस का पक्ष
दिल्ली पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान कथित हिंसा, पत्थरबाजी और तोड़फोड़ में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। मामले में अब तक पांच एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और जांच जारी है।
(ANI)
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