प्रतापगढ़ में बाल श्रम के खिलाफ चलाए गए संयुक्त अभ

प्रतापगढ़ में बाल श्रम पर कार्रवाई, 7 नाबालिग कराए गए मुक्त

प्रतापगढ़ में बाल श्रम पर कार्रवाई

प्रतापगढ़: जिले में बाल श्रम की रोकथाम के लिए चलाए गए अभियान के तहत एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी) थाना पुलिस की टीम ने सात बाल श्रमिकों को अवमुक्त कराया। इस कार्रवाई के दौरान संबंधित नियोजकों के खिलाफ श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने नोटिस जारी किए। अभियान पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी बृजनन्दन राय के पर्यवेक्षण में चलाया गया। शनिवार को श्रम प्रवर्तन अधिकारी महेंद्र सिंह और एएचटी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कोतवाली नगर और कोतवाली देहात क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया। टीम ने होटल, ढाबों, गैराजों और रेलवे स्टेशन सहित विभिन्न स्थानों पर जांच की। इस दौरान काम करते मिले सात नाबालिगों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया, साथ ही संबंधित नियोजकों को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।

स्कूलों के 100 गज दायरे में तंबाकू बिक्री पर चेतावनी

अभियान में एएचटी थाना प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह यादव, उपनिरीक्षक रामचंद्र राम, कांस्टेबल प्रदीप कुमार और कांस्टेबल आलोक कुमार शामिल रहे। चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस और श्रम विभाग की टीम ने लोगों को बाल श्रम, बंधुआ मजदूरी, बाल भिक्षावृत्ति और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक किया। साथ ही नशे के दुष्प्रभावों से बचाव के लिए चलाए जा रहे 'एक युद्ध नशे के खिलाफ' अभियान की जानकारी भी दी गई। टीम ने कोटपा अधिनियम-2003 के प्रावधानों के तहत शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री नहीं करने की हिदायत दी। प्रतापगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया कि बाल अधिकारों की सुरक्षा, बाल श्रम उन्मूलन और नशे की रोकथाम के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। 

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