छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में देरी पर आमरण अनशन का ऐलान
उमरिया,(मध्य प्रदेश)। पीएम श्री कन्या शिक्षा परिसर, बिरसिंहपुर पाली में आदिवासी छात्राओं की छात्रवृत्ति, पुस्तक क्रय के लिए दी गई राशि एवं अन्य शासकीय मदों में कथित अनियमितताओं के मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आमरण अनशन की घोषणा की है। इस संबंध में जिला कलेक्टर उमरिया को लिखित सूचना सौंपते हुए बताया गया है कि यदि लंबित जांच पूरी कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई, तो 28 जुलाई 2026 से बिरसिंहपुर पाली के अंबेडकर चौक में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
शासकीय धनराशि छात्राओं से वापस लिए जाने की शिकायत
अनशन की सूचना अरुण कुमार विश्वकर्मा एवं अधिवक्ता संघ पाली के सह सचिव बसंत कुमार तिवारी द्वारा दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पीएम श्री कन्या शिक्षा परिसर की तत्कालीन प्राचार्य के कार्यकाल में आदिवासी छात्राओं के खातों में शासन द्वारा भेजी गई छात्रवृत्ति, पुस्तक खरीद के लिए दी गई राशि तथा अन्य शासकीय धनराशि छात्राओं से वापस लिए जाने की शिकायत सामने आई थी। शिकायत के बाद संबंधित अधिकारियों ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया और निर्धारित समय सीमा में जांच पूरी करने के निर्देश भी दिए, लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है।
दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कोई कार्यवाही नही
आवेदनकर्ताओं का कहना है, कि जांच दल को 15 दिनों के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करना था, जबकि दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई है और न ही किसी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई हुई है। इससे पूरे मामले की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
कई छात्राओं को आज तक आवश्यक पाठ्य-पुस्तकें नहीं दी
शिकायतकर्ताओं ने यह भी दावा किया है, कि परिसर में अध्ययनरत कई छात्राओं को आज तक आवश्यक पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, जबकि शासन की ओर से इसके लिए राशि स्वीकृत की जा चुकी थी। उनका कहना है कि यदि छात्राओं तक पुस्तकें नहीं पहुंचीं और उनके नाम पर जारी राशि का सही उपयोग नहीं हुआ, तो यह बेहद गंभीर मामला है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन
उन्होंने बताया, कि मामले की जानकारी प्राप्त करने के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन भी किया गया था। इसके जवाब में विभाग ने केवल इतना बताया कि जांच अभी जारी है। जबकि जांच निर्धारित समय में पूरी होनी थी। उनका आरोप है, कि जांच में लगातार देरी हो रही।
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