एक्ट्रेस द्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी पति समर्थ 7 दिन की पुलिस रिमांड पर, पासपोर्ट जब्त करने के आदेश
भोपाल। एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में भोपाल जिला कोर्ट ने शनिवार को बड़ा फैसला सुनाया है। मामले के मुख्य आरोपी और ट्विशा के पति समर्थ सिंह को कोर्ट में पेश करने के बाद 7 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। इसके साथ ही, कोर्ट ने मृतका के परिजनों की याचिका पर सुनवाई करते हुए आरोपी समर्थ सिंह का पासपोर्ट जब्त करने के आदेश भी जारी किए हैं, ताकि वह देश छोड़कर बाहर न भाग सके।
दिल्ली AIIMS की टीम दोबारा करेगी पोस्टमार्टम
मामले में एक और बड़ा मोड़ आया है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देश के बाद अब दिल्ली AIIMS (ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) की एक विशेष डॉक्टरों की टीम दोबारा (Second Post-Mortem) पोस्टमार्टम करेगी। ट्विशा के मायके पक्ष (पिता) ने पहले हुए पोस्टमार्टम पर असंतोष जताया था और शव को सुरक्षित (-80°C पर) रखने की मांग की थी। अब दिल्ली AIIMS की टीम इस मौत के पीछे के असली कारणों और हत्या या आत्महत्या के संशय को दूर करने के लिए नए सिरे से जांच करेगी।
नाटकीय ढंग से हुई थी गिरफ्तारी
ट्विशा की मौत के बाद से ही आरोपी पति समर्थ सिंह लगातार फरार चल रहा था। पुलिस ने उसके खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर भी जारी किया था। शुक्रवार को वह मुंह छिपाकर जबलपुर जिला कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा था, जहां पुलिस ने उसे नाटकीय घटनाक्रम के बीच हिरासत में ले लिया। इसके बाद उसे भोपाल लाया गया और शनिवार दोपहर को कोर्ट में पेश किया गया।
यह है पूरा मामला
पूर्व मिस पुणे, एमबीए ग्रेजुएट और एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा का विवाह दिसंबर 2025 में भोपाल के कटारा हिल्स निवासी अधिवक्ता समर्थ सिंह के साथ हुआ था। शादी के महज 5 महीने बाद, 12 मई 2026 को कटारा हिल्स स्थित ससुराल में ट्विशा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। ससुराल पक्ष ने इसे फांसी लगाकर आत्महत्या बताया था। नोएडा में रहने वाले ट्विशा के मायके वालों का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था, मारपीट की जा रही थी और उस पर जबरन गर्भपात (Pregnancy Pressure) का दबाव भी बनाया गया था। परिजनों ने इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या का मामला बताया है।
BCI ने समर्थ सिंह के वकालत का लाइसेंस किया रद्द
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 'बार काउंसिल ऑफ इंडिया' (BCI) ने भी आरोपी समर्थ सिंह का वकालत का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है और उसकी प्रैक्टिस पर रोक लगा दी है। 7 दिन की पुलिस रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी समर्थ सिंह को घटना स्थल (क्राइम सीन) पर ले जाकर सीन रीक्रिएट करेगी। साथ ही दोनों के मोबाइल चैट, सोशल मीडिया अकाउंट्स और फरारी के दौरान उसकी मदद करने वालों के बारे में पूछताछ की जाएगी। इस मामले की जांच के लिए शासन स्तर पर सीबीआई (CBI) को भी पत्र लिखा गया है।
अब सुप्रीम कोर्ट सुनेगा मामले को
द्विशा शर्मा की मौत का मामला अब राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है। सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए पूरे मामले में संस्थागत (पुलिस, अस्पताल और कोर्ट) पक्षपात के आरोपों का जिक्र किया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच सोमवार को इस मामले की सुनवाई कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को "वैवाहिक घर में युवती की अस्वाभाविक मौत में संस्थागत पक्षपात और प्रक्रियागत विसंगतियां" शीर्षक से दर्ज किया है।
कॉल डिटेल व सीसीटीवी पर कल सुनवाई
भोपाल पहुंचे हाई कोर्ट के एडवोकेट अनुराग श्रीवास्तव बोले - गिरिबाला उसी घर में रह रही हैं, जहां घटना हुई। साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका है। उन्होंने घर पर सील करने की मांग की। एडवोकेट अंकुर पांडे ने बताया कि आरोपियों की 12-20 मई की कॉल डिटेल सुरक्षित रखने और घटना के समय के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने पर सोमवार को सुनवाई होगी।
पुलिस बोली - जांच में सहयोग नहीं कर रहा समर्थ
आरोपी पति समर्थ सिंह को भोपाल कोर्ट ने 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड आवेदन में पुलिस ने कहा था कि समर्थ जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। सबूत जुटाने के लिए भी आरोपी की पुलिस हिरासत जरूरी है। एक घंटे चली सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुदिता गुप्ता ने कोर्ट में 29 मई तक रिमांड मंजूर की।
कोर्ट का यह भी आदेश
कोर्ट ने एसआईटी (SIT) को निर्देश दिए कि रिमांड के दौरान समर्थ के साथ किसी तरह की प्रताड़ना या मारपीट न हो। साथ ही 29 मई शाम 4 बजे से पहले मेडिकल कराने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया जाए। कोर्ट ने समर्थ का पासपोर्ट जब्त करने का आदेश दिया। समर्थ सिंह कोर्टरूम में बातचीत करता और मुस्कुराता नजर आया। जाते समय उसके गले में गमछा था। रिमांड मिलने के बाद उसने उसी गमछे से अपना चेहरा छिपा लिया।
सवाल, जिनकी वजह से शीर्ष कोर्ट ने पक्षपात का एंगल माना
आरोपी 10 दिन तक पुलिस की पकड़ से बाहर कैसे रहा? ट्विशा की मौत 12 मई को हुई, लेकिन पति समर्थ 22 मई तक गिरफ्तारी से बचा रहा। केस 14 मई की रात दर्ज हुआ। 15 मई को मां गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत मिल गई। समर्थ की अग्रिम जमानत पर 18 मई को सुनवाई थी, पर तब तक पुलिस ने उसे नहीं पकड़ा। कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद ही उस पर इनाम घोषित हुआ।
हाईकोर्ट परिसर में आरोपी कैसे पहुंचा
ट्विशा के वकील के मुताबिक, समर्थ सरेंडर के इरादे से जबलपुर हाई कोर्ट पहुंचा था। दावा है कि कोर्ट चैंबर तक पहुंचने से पहले उसे पकड़ा गया, जबकि उससे पहले कुछ वकीलों ने उसे अपने चैंबर में बैठा रखा था। समर्थ सिंह की मां गिरिबाला सिंह पूर्व जज रही हैं। समर्थ भी वकील है। ऐसे में परिवार का आरोप है कि पुलिस और कानूनी प्रक्रिया में आरोपी को अतिरिक्त अवसर मिले।
पोस्टमार्टम पर सवाल उठे
परिजनों ने पोस्टमार्टम में गले की चोटों, गर्दन और शरीर के ऊपरी हिस्से की जांच ठीक से न होने पर सवाल उठाए। विस्तृत पड़ताल नहीं होने पर सवाल उठाए गए। सीसीसीटीवी फुटेज पुलिस ने खुद क्यों नहीं जब्त किए? घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर (DVR) कंपनी के टेक्नीशियन रोहित विश्वकर्मा ने पुलिस को सौंपा था।
घटना के बाद 13 मई को गिरिबाला ने रोहित को फोन भी किया था। मौत के बाद कई जजों को कॉल क्यों किए गए? जांच में सामने आया कि ट्विशा की मौत के तुरंत बाद गिरिबाला सिंह ने कई जजों को फोन किए थे। परिवार ने इसे भी प्रभाव डालने का प्रयास बताया है।
यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/state/free-bus-travel-for-women-in-kolkata-id-required/206403