Uttar Pradesh में खरीफ 2026 के बुवाई सीजन को लेकर

यूपी में खाद का पर्याप्त स्टॉक, किसानों को नहीं होगी किल्लत: कृषि मंत्री

No Shortage

लखनऊ। Uttar Pradesh में खरीफ 2026 के बुवाई सीजन को लेकर सरकार ने किसानों के लिए खाद, बीज और अन्य कृषि संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का दावा किया है। कृषि विभाग के अनुसार प्रदेश में किसी भी किसान को उर्वरक की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

50% अनुदान पर मिलेंगे बीज और मिनी किट

कृषि मंत्री Surya Pratap Shahi ने कृषि भवन में विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान जानकारी दी कि इस खरीफ सीजन में किसानों को धान, उड़द, मूंग, तिल और मोटे अनाजों के कुल 1,96,117 क्विंटल बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही दलहन और तिलहन फसलों के मिनी किट भी किसानों को दिए जाएंगे।

15 मई से धान बीज वितरण शुरू

उन्होंने बताया कि 15 मई से 80,000 क्विंटल धान के बीजों का वितरण शुरू किया जाएगा, जिसकी आपूर्ति सभी जिलों में सुनिश्चित की जा रही है। राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत उर्द, मूंग और अरहर सहित 49,129 क्विंटल दलहन बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं मूंगफली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 57,446 क्विंटल बीज अनुदान पर वितरित होंगे।

किसानों के लिए तकनीकी गोष्ठियां

कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए 15 मई को कानपुर में मंडलीय किसान गोष्ठी आयोजित होगी। इसमें चित्रकूट, झांसी और कानपुर मंडल के किसान एवं वैज्ञानिक शामिल होंगे। इसके बाद 21 मई को लखनऊ में राज्य स्तरीय गोष्ठी आयोजित की जाएगी।

खाद का पर्याप्त भंडार उपलब्ध

खाड़ी संकट के बीच उर्वरक आपूर्ति पर स्थिति स्पष्ट करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रदेश में कुल 27.54 लाख मीट्रिक टन खाद का स्टॉक उपलब्ध है। इसमें 12 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 4.79 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 3.66 लाख मीट्रिक टन एसएसपी और 91 हजार मीट्रिक टन पोटाश शामिल है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए यूरिया का संतुलित उपयोग करें।

कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई

कृषि मंत्री ने बताया कि उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के लिए 10 जिलों में विशेष जांच टीमें भेजी जा रही हैं। हाल ही में बुलंदशहर के अनूपशहर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई के तहत तीन ट्रकों से 1575 बैग इफको यूरिया बरामद किया गया। इस मामले में मोहम्मद हारून, ट्रक चालकों और पीसीएफ कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मंत्री ने चेतावनी दी कि खाद की तस्करी और कालाबाजारी में शामिल लोगों पर रासुका (NSA) के तहत भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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